ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली पुलिस ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है. इसके तहत राष्ट्रीय राजधानी में करीब 15,000 पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियों को तैनात किया जाएगा. यह जानकारी दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को दी. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, विशेष पुलिस आयुक्त (सुरक्षा प्रभाग) मनीष कुमार अग्रवाल ने कहा कि आम लोगों को कम से कम असुविधा हो और गणमान्य व्यक्तियों को अधिकतम सुरक्षा मिल सके, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं.
अभेद्य होगी दिल्ली की सुरक्षा
उन्होंने कहा, “यातायात व्यवस्था को लेकर पहले ही एडवाइजरी जारी की जा चुकी है.” अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली पुलिस सम्मेलन के लिए कई एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है और सभी चिन्हित मार्गों का विस्तृत सर्वेक्षण पहले ही पूरा किया जा चुका है. कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए बड़े पैमाने पर जवानों की तैनाती की जाएगी. हवाई अड्डे, होटलों और अन्य संभावित कार्यक्रम स्थलों पर भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है.
उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन के मुख्य आयोजन स्थल भारत मंडपम में कड़ी निगरानी और मजबूत सुरक्षा उपायों के साथ बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है. गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही के दौरान बेहतर समन्वय और निर्बाध सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ भी बैठकें की गई हैं. अग्रवाल ने कहा, “खुफिया जानकारियां संबंधित एजेंसियों के साथ साझा की जाएंगी.”
उन्होंने बताया कि सुरक्षा तैयारियों के तहत उपलब्ध सभी सूचनाओं का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है. दिल्ली पुलिस सुरक्षा आवश्यकताओं और आम लोगों की दैनिक गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में आयोजित होगा. अधिकारियों के अनुसार, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही को देखते हुए यातायात प्रतिबंध 10 सितंबर से लागू होंगे और 14 सितंबर तक जारी रह सकते हैं.
200 अर्धसैनिक बल तैनात
एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि नई दिल्ली क्षेत्र में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. इनमें फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और वाहन नंबर प्लेट पहचानने वाले कैमरे भी शामिल होंगे. सभी कैमरे एक केंद्रीय निगरानी कक्ष से जुड़े रहेंगे. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पुलिस खुफिया सूचनाओं पर भी विशेष ध्यान दे रही है और विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.
उन्होंने कहा, “सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि आम जनता को कम से कम परेशानी हो. इसी वजह से कुछ यातायात प्रतिबंध और एडवाइजरी पहले से जारी की गई हैं.” अधिकारी ने बताया कि भारत मंडपम में आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र, निगरानी और सतर्कता की विशेष व्यवस्था की गई है. इसी तरह जिन होटलों में विदेशी प्रतिनिधिमंडल ठहरेंगे, वहां भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है.
गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जाएगी और उनके कार्यक्रम के अनुसार सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे. दिल्ली पुलिस को जी-20 शिखर सम्मेलन सहित कई बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के सफल संचालन का अनुभव है. इस बार भी पुलिस ने गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG), खुफिया ब्यूरो (IB), केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ व्यापक समन्वय किया है. वीवीआईपी काफिलों की आवाजाही को सुगम बनाने और यातायात को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख चौराहों और महत्वपूर्ण मार्गों पर अतिरिक्त यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी.
