पीरियड्स में होने वाले दर्द को अक्सर सामान्य मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है. लेकिन अगर दर्द इतना ज्यादा हो कि रोजमर्रा के काम, पढ़ाई, नौकरी या नींद पर असर पड़ने लगे, तो इसे सामान्य पीरियड क्रैम्प्स समझकर टालना ठीक नहीं है. डॉक्टरों के मुताबिक ऐसा दर्द एंडोमेट्रियोसिस जैसी बीमारी का संकेत हो सकता है. सही समय पर इसकी पहचान और इलाज न होने पर यह महिला की जीवनशैली के साथ-साथ फर्टिलिटी को भी प्रभावित कर सकता है. ऐसे में जानिए क्या है एंडोमेट्रियोसिस और कैसे करें इसकी पहचान?
क्या है एंडोमेट्रियोसिस?
एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसी टिश्यू शरीर में गर्भाशय के बाहर विकसित होने लगती है. इससे सूजन, दर्द और दूसरे लक्षण पैदा होते हैं. डॉक्टरों के अनुसार यह स्थिति करीब 10 में से 1 महिला या लड़की को प्रभावित कर सकती है. इस बीमारी का सबसे आम संकेत तेज और बार-बार होने वाला पीरियड दर्द है. हालांकि हर महिला में इसके लक्षण एक जैसे नहीं होते. कुछ मामलों में पेल्विक एरिया में लगातार दर्द, सेक्स के दौरान दर्द या गर्भधारण में परेशानी भी सामने आती है.
डायग्नोसिस में लग जाते हैं कई साल
डॉक्टरों ने चिंता जताई है कि भारत में कई महिलाओं को एंडोमेट्रियोसिस का पता चलने में 7 से 10 साल तक लग जाते हैं. इसकी एक वजह शुरुआती लक्षणों को सामान्य पीरियड दर्द मान लेना भी है. देर से पहचान होने का असर सिर्फ दर्द तक सीमित नहीं रहता बल्कि यह फर्टिलिटी को भी प्रभावित कर देता है. इसके अलावा इलाज में देरी आर्थिक बोझ भी बढ़ा देती है.
यह भी पढ़ें: क्या होती है पैसिव स्मोकिंग? सिगरेट न पीने वालों को भी जान का खतरा
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर पीरियड्स का दर्द लगातार बढ़ रहा है या हर महीने इतना ज्यादा होता है कि सामान्य गतिविधियां प्रभावित होने लगती हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. खासकर तब जब सामान्य पेनकिलर लेने के बाद भी राहत न मिले. वहीं अगर पीरियड्स के आसपास पेशाब या मल त्याग के दौरान दर्द या लगातार पेल्विक पेन होता है, तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कुछ मामलों में गर्भधारण में परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार किशोरियों में भी ऐसे लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि बीमारी कम उम्र में शुरू होकर समय के साथ ज्यादा परेशान कर सकती है.
यह भी पढ़ें: आपकी मुस्कान बता सकती है ओरल हेल्थ का हाल, इसे कैसे ठीक करें?
Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )
Calculate The Age Through Age Calculator
