- मई 2023 से जातीय संघर्ष में अब तक 306 मौतें हुई हैं।
भारत का उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर एक बार फिर से उग्रवादी हमलों की वजह से त्रस्त दिखाई दे रहा है. राज्य के तामेंगलोंग जिले में मंगलवार (15 सितंबर, 2026) को संदिग्ध उग्रवादियों ने दो महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी और गांव के बाहर कुछ कच्चे मकानों में आग लगा दी.
यह घटना रविवार (13 सितंबर, 2026) को मणिपुर के तामेंगलोंग और नोनी जिलों में दो महिलाओं समेत चार लोगों की गोली मारकर हत्या किए जाने के दो दिन बाद घटी है.
अधिकारियों ने बताया पूरा घटनाक्रम
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने स्थानीय लोगों के हवाले से बताया कि हथियारबंद उग्रवादियों ने कुकी समुदाय की दो महिलाओं की उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी, जब वे आग जलाने के लिए लकड़ी इकट्ठा करने के लिए तामेंगलोंग के अंदरूनी इलाके में स्थित लेइसांगफाई गांव के एक सुनसान खेत में गई थीं.
उग्रवादी हमलों में मरने वालों की हुई पहचान
अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों की पहचान 60 वर्षीय चोंगा सितल्हाउ और 30 वर्षीय किंबोई सिंगसन के रूप में हुई है. स्थानीय लोगों का दावा है कि कई ग्रामीणों का अब तक पता नहीं चल पाया है. वहीं, इन दोनों महिलाओं के शव उसी जगह पर खेत में पड़े हुए मिले थे. उनके शरीर पर गोली लगने के निशान थे. ग्रामीणों ने शवों को बरामद कर लिया है. इसके बाद, हथियारबंद हमलावरों ने कुछ कच्चे फार्म हाउसों को आग के हवाले कर दिया.
मैतेई-कुकी समुदायों के संघर्ष में हो चुकी 306 लोगों की मौत
रिपोर्ट के मुताबिक, मणिपुर में मई 2023 में घाटी इलाकों में रहने वाले मैतेई और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले कुकी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष शुरू हुआ था. उस हिंसा में अब तक कम से कम 306 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 49 लोग अभी भी लापता हैं. वहीं, हिंसा के कारण हजारों लोग बेघर हो चुके हैं.
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