देश के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में महिलाओं की भागीदारी से जुड़ा आंकड़ा सामने आया है. आईआईटी इंस्टीट्यूट में पिछले कुछ वर्षों में महिला छात्रों की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी हुई है. 23 आईआईटी के एडमिशन आंकड़ों के अनुसार 2019 में जहां 2416 महिला छात्रों को सीटें मिली थी. वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 3,664 हो गई है. इस तरह 6 साल की अवधि में आईआईटी में महिलाओं की संख्या करीब 52 फीसदी बढ़ी है. हालांकि कुल सीटों की तुलना में महिलाओं की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी सीमित रही है.
IIT में कितनी बड़ी महिलाओं की हिस्सेदारी?
एडमिशन डेटा के अनुसार 2019 में आईआईटी में कुल 13,604 सीटें आवंटित हुई थी, जिनमें 2,416 सीटें महिला छात्रों को मिली थी. उस समय कुल आवंटित सीटों में महिलाओं की हिस्सेदारी 17.76 फीसदी थी. 2025 में कुल आवंटित सीटों की संख्या बढ़कर 18,188 हो गई. इनमें महिला छात्रों की संख्या 3,664 रही और उनकी हिस्सेदारी 20.15 फीसदी पहुंच गई. यानी 2019 से 2025 के बीच महिला हिस्सेदारी में 2.39 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई. वहीं इसी अवधि में कुल आवंटित सीटों में करीब 34 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. इसका मतलब है कि आईआईटी में महिलाओं की संख्या बढ़ने की रफ्तार कुल सीटों के विस्तार से ज्यादा रही.
महिलाओं के लिए बढ़ाई गई थी अतिरिक्त सीटें
आईआईटी में महिलाओं छात्रों की कम भागीदारी को बढ़ाने के लिए सरकार ने सुपरन्यूमैरेरी सीटों की व्यवस्था शुरू की थी. इसके तहत महिला नामांकन का टारगेट 2018-19 में 14 फीसदी, 2019 में 17 फीसदी और 2020-21 में 20 फीसदी तक ले जाने की योजना बनाई गई थी. 2018-19 में 835 सुपरन्यूमैरेरी सीटें बनाई गई थी. जबकि 2019-20 में 1,122 अतिरिक्त सीटें जोड़ी गई थी. इन सीटों का उद्देश्य महिला छात्रों की संख्या बढ़ाना था और इसके लिए जेंडर-न्यूट्रल उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध सीटों को कम नहीं किया गया.
ये भी पढ़ें-CTET 2026 की नई परीक्षा तारीख जारी, 12 और 13 दिसंबर को होगा एग्जाम
2025 में कि IIT में महिलाओं की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा
2025 के आंकड़ों में लगभग सभी आईआईटी में महिलाओं की हिस्सेदारी 19 फीसदी या उससे ज्यादा रही. वहीं आईआईटी तिरुपति में महिलाओं की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 21.57 फीसदी रही. इसके बाद आईआईटी मद्रास में 21.09 फीसदी महिला छात्र थी. वहीं आईआईटी दिल्ली और आईआईटी इंदौर में यह हिस्सेदारी 20.63 फीसदी रही. आईआईटी रुड़की में 20.50 फीसदी, आईआईटी धारवाड़ में 20.47 फीसदी और आईआईटी कानपुर में 20.41 फीसदी महिला छात्रों को सीटें मिली. आईआईटी बॉम्बे में महिलाओं की हिस्सेदारी 2019 के 17.78 फीसदी से बढ़कर 2025 में 19.57 फीसदी हो गई. इसी तरह आईआईटी खड़गपुर में यह 16.82 फीसदी से बढ़कर 19.19 फीसदी और आईआईटी हैदराबाद में 18.61 फीसदी से बढ़कर 20.13 फीसदी हुई.
अब IIT में करीब हर पांचवा छात्र महिला
इन आंकड़ों से यह साफ होता है कि आईआईटी में महिला छात्रों की मौजूदगी पहले की तुलना में ज्यादा है. 2025 में कुल आवंटित सीटों में महिलाओं की हिस्सेदारी 20.15 फीसदी रही. यानी आईआईटी में एडमिशन पाने वाले करीब हर पांच छात्रों में एक महिला है. हालांकि प्रतिशत में यह बढ़ोतरी बहुत बड़ी नहीं दिखती, लेकिन वास्तविक संख्या में 52 फीसदी की वृद्धि यह बताती हैं कि इंजीनियरिंग के इन प्रमुख संस्थानों में महिला छात्रों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है.
ये भी पढ़ें-पाकिस्तान के सिख छात्र को मैट्रिक में मिली 2nd रैंक, भारत का SGPC देगा ₹51 हजार
Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI
