महाराष्ट्र में पुलिस से मुंबई में प्रदर्शन करने की अनुमति न मिलने के बावजूद अनशन कर रहे मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे मंगलवार को वाहनों के काफिले के साथ जालना जिले से महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के लिए रवाना हुए. रास्ते में सैकड़ों ग्रामीणों ने उनका समर्थन किया.
जरांगे मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे गोदावरी नदी के पुल से होते हुए बीड जिले में पहुंचे. इसके बाद गेवराई और बीड शहर में जगह-जगह उनका स्वागत किया गया. काफिला रात्रि विश्राम के लिए तय पड़ाव पाटोदा पहुंचा.
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सीएम फडणवीस का दावा गणेश उत्सव में नहीं आएगी बाधा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा, “सरकार को उम्मीद है कि लोगों को कोई परेशानी नहीं होगी और विरोध-प्रदर्शनों के कारण गणेशोत्सव में कोई बाधा नहीं आएगी. यह मुंबई और पुणे में बहुत बड़ा त्योहार है और इसे सबसे बड़े हिंदू त्योहारों में से एक के रूप में सार्वजनिक तौर पर मनाया जाता है.”
19 को मुंबई पहुंचेगा का जरांगे का काफिला
जरांगा का काफिला 19 सितंबर को मुंबई के आजाद मैदान पहुंचने से पहले बीड, अहिल्यानगर के श्रीगोंदा, पुणे के हडपसर और रायगढ़ के खोपोली से होकर गुजरेगा. इस दौरान काफिला 400 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगा.
मनोज जरांगे की तबियत बिगड़ी
मनोज जरांगे की देखभाल कर रहे चिकित्सा कर्मियों ने बताया कि पिछले 48 घंटे में उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ी है, क्योंकि उन्होंने पानी पीने और जरूरी उपचार लेने से इनकार कर दिया है.जरांगे पाटिल की भूख हड़ताल को 18 दिन से अधिक हो चुके हैं. उन्होंने मुंबई के आजाद मैदान में आंदोलन की अनुमति मांगी है जिसे मुंबई पुलिस ने मना कर दिया है, जिस पर उन्होंने अकेले ही मुंबई जाने की बात कही है.
बताया जा रहा है कि जरांगे ने दोबारा पत्र भेजकर अनुमति मांगी है, लेकिन अभी नहीं मिली है. अगर पुलिस अनुमति नहीं देती है तो कोर्ट का रुख किया जा सकता है.
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