भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) की सालामी मीटिंग में चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के भविष्य पर कोई फैसला नहीं लिया गया. बीसीसीआई) की मीटिंग (AGM) में सदस्य इकाइयों ने चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर के कार्यकाल को आगे बढ़ाने या उनकी जगह पर किसी नए चीफ सेलेक्टर को लाने का फैसला बोर्ड के पदाधिकारियों पर छोड़ दिया.
मौजूदा चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर का कार्यकाल 6 अक्तूबर 2026 को खत्म होने वाला है. ऐसे में बीसीसीआई उनकी जगह पर नए अध्यक्ष की तलाश कर सकता है. बैठक के बाद बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “चयन समितियों से जुड़े मामलों पर फैसला लेने के लिए पदाधिकारियों को अधिकृत किया गया है.” उन्होंने अगरकर के भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया.
बीसीसीआई की 95वीं एजीएम में बोर्ड से संबद्ध राज्य क्रिकेट संघों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. बैठक में बंगाल क्रिकेट संघ के प्रतिनिधि और भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के प्रतिनिधि और पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद भी मौजूद रहे. सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष के भविष्य के अलावा बीसीसीआई जूनियर चयन समिति के सभी पांच पदों को भरने की प्रक्रिया पर भी विचार कर रहा है. इस बीच मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड से अनुरोध किया है कि प्रमुख मुकाबलों के आवंटन में मुंबई को भी ध्यान में रखा जाए. राज्य क्रिकेट संघ के सचिव उन्मेष खानविलकर ने यह जानकारी दी.
प्रतिष्ठित वानखेड़े स्टेडियम में टेस्ट मैच हुए करीब दो साल हो चुके हैं. यहां पिछला टेस्ट 2024 के अंत में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला गया था. शहर में होने वाले आगामी क्रिकेट मुकाबलों में अगले साल की शुरुआत में पहली बार आयोजित होने वाली महिला चैंपियंस लीग और महिला प्रीमियर लीग के कुछ मुकाबले भी शामिल हैं.
झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के सचिव और भारत के पूर्व क्रिकेटर सौरभ तिवारी ने भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट को रांची से स्थानांतरित किए जाने की जानकारी होने से इनकार किया. तिवारी ने संवाददाताओं से कहा, “यह खबर मेरे लिए नयी है. इस संबंध में अगर बीसीसीआई को किसी को पत्र लिखना है तो वह मुझे ही लिखना होगा. मैंने ऐसा कोई पत्र नहीं लिखा है. एजीएम में इस बारे में बिल्कुल भी चर्चा नहीं हुई.”
बीसीसीआई की ओर से जारी प्रेस रिलीज में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई, लेकिन इसमें कहा गया कि “एजीएम ने 2028 में बीसीसीआई की शताब्दी समारोह के आयोजन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. शताब्दी वर्ष दिसंबर 2027 से शुरू होकर पूरे 2028 तक साल भर चलने वाले कार्यक्रमों के जरिये मनाया जाएगा. यह भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा.”
एजीएम ने सर्वसम्मति से 2027 में होने वाले आईपीएल के 20वें सत्र को भी भव्य तरीके से मनाने का फैसला किया. बैठक के एजेंडे में शामिल अन्य मुद्दों पर भी फैसले लिए गए.
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