India vs Afghanistan T20 Series: भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली गई तीन मैचों की टी20 सीरीज अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) के लिए मैदान के बाहर भी काफी फायदेमंद साबित हुई. दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित इस सीरीज से अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को करीब 50 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट होने का अनुमान है. मीडिया राइट्स, स्पॉन्सरशिप, टिकट बिक्री और अन्य कॉमर्शियल गतिविधियों को मिलाकर बोर्ड का अनुमानित ग्रॉस रेवेन्यू करीब 75 से 85 करोड़ रुपये बताया जा रहा है.
दिल्ली में खेली गई सीरीज, अफगानिस्तान को मिला होम ग्राउंड
भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन टी20 मैचों की पूरी सीरीज भारत की राजधानी दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेली गई. खास बात यह रही कि सीरीज भारत में होने के बावजूद अफगानिस्तान मेजबान की भूमिका में था. बीसीसीआई की ओर से अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को अरुण जेटली स्टेडियम को इस सीरीज के लिए होम ग्राउंड के तौर पर उपलब्ध कराया गया. इस व्यवस्था का अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कॉमर्शियल स्तर पर भी भरपूर फायदा उठाया. बोर्ड ने सीरीज के मीडिया राइट्स से लेकर टाइटल स्पॉन्सरशिप, ऑन-ग्राउंड स्पॉन्सरशिप और दूसरे कमर्शियल अधिकारों के लिए कई कंपनियों के साथ करार किए.
मीडिया राइट्स से करीब 57 करोड़ रुपये की कमाई
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड की सबसे बड़ी कमाई सीरीज के टीवी और डिजिटल मीडिया राइट्स से हुई. उपलब्ध अनुमानों के मुताबिक, बोर्ड ने प्रति मैच करीब 19 करोड़ रुपये के हिसाब से मीडिया राइट्स का सौदा किया. तीन मैचों को मिलाकर यह रकम करीब 57 करोड़ रुपये बैठती है.
सीरीज के ग्लोबल मीडिया राइट्स पार्टनर के तौर पर Trans Group जुड़ा था. भारत में मुकाबलों की डिजिटल स्ट्रीमिंग FanCode पर उपलब्ध थी, जबकि प्रसारण व्यवस्था में Sony भी शामिल था. इस तरह सिर्फ मीडिया और ब्रॉडकास्टिंग राइट्स ने अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के रेवेन्यू में सबसे बड़ा योगदान दिया.
स्पॉन्सरशिप से भी बरसे करोड़ों रुपये
मीडिया राइट्स के अलावा अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टाइटल और ऑन-ग्राउंड स्पॉन्सरशिप से भी बड़ी कमाई की. अनुमान है कि इन कॉमर्शियल डील्स से बोर्ड को करीब 15 से 20 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला. दुबई की टेलीकॉम कंपनी Etisalat सीरीज से प्रमुख रूप से जुड़ी थी. इसके अलावा कई अन्य ब्रांड्स ने अलग-अलग कैटेगरी में अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के साथ पार्टनरशिप की.
सीरीज और अफगानिस्तान टीम से जुड़े प्रमुख कॉमर्शियल पार्टनर्स में Super Cola, Wild Stone, Intex Technologies, Weni, Delta Exchange और Haier जैसे नाम शामिल रहे. Trans Group ग्लोबल मीडिया राइट्स पार्टनर था, जबकि भारत में FanCode ऑफिशियल स्ट्रीमिंग पार्टनर के तौर पर जुड़ा था. इस तरह अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एक ही सीरीज के लिए अलग-अलग स्पॉन्सरशिप कैटेगरी बनाकर कई कंपनियों के साथ कमर्शियल करार किए.
टिकट और दूसरे टेंडर्स से भी 5-8 करोड़ की कमाई
दिल्ली में मुकाबले होने के कारण टिकट बिक्री से भी बोर्ड को रेवेन्यू मिला. इसके अलावा स्टेडियम के अंदर अलग-अलग कॉमर्शियल टेंडर, गेट रिसीट और दूसरी गतिविधियों को मिलाकर अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कमाई करीब 5 से 8 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया जा रहा है. अगर मीडिया राइट्स, स्पॉन्सरशिप, टिकट बिक्री और दूसरे कमर्शियल रेवेन्यू को जोड़ा जाए तो इस तीन मैचों की टी20 सीरीज से अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड का ग्रॉस रेवेन्यू करीब 75 से 85 करोड़ रुपये के बीच पहुंचता है.
खर्च निकालने के बाद करीब 50 करोड़ का मुनाफा
सीरीज के आयोजन पर भी अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को बड़ी रकम खर्च करनी पड़ी. स्टेडियम से जुड़े खर्च, मैच ऑपरेशन, टीमों की व्यवस्थाएं, प्रोडक्शन और दूसरे आयोजन खर्चों को ग्रॉस रेवेन्यू से घटाने के बाद अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड का नेट प्रॉफिट करीब 50 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. यानी भारत के खिलाफ सिर्फ तीन टी20 मैचों की सीरीज अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई. भारत जैसे बड़े क्रिकेट बाजार में सीरीज आयोजित करने, कई ग्लोबल और भारतीय ब्रांड्स को साथ जोड़ने और मीडिया राइट्स की मजबूत कीमत हासिल करने का सीधा फायदा अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को मिला.
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