Why You Should Not Leave Dirty Dishes Overnight: खाना खाने के बाद अक्सर लोग बर्तनों को सिंक में पानी और साबुन डालकर रातभर के लिए छोड़ देते हैं. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि बर्तनों पर चिपका खाना आसानी से निकल जाए और सुबह उन्हें धोने में ज्यादा मेहनत न करनी पड़े. लेकिन क्या बर्तनों को रातभर भिगोकर छोड़ना वाकई सही तरीका है? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लंबे समय तक गंदे बर्तन सिंक में छोड़ने की आदत किचन की सफाई के साथ-साथ कीड़े-मकौड़ों की समस्या भी बढ़ा सकती है.
चींटियां, कॉकरोच, चूहे और दूसरे कीट खाने की तलाश में घर में आते हैं. गंदे बर्तनों पर बचा हुआ खाना और उसकी गंध उनके लिए आसानी से मिलने वाला भोजन बन जाती है. अगर सिंक में रोजाना रातभर गंदे बर्तन पड़े रहते हैं तो कीड़ों को भोजन, पानी और छिपने की जगह तीनों मिल जाते हैं. ऐसे में धीरे-धीरे वे किचन के आसपास अपना ठिकाना बना सकते हैं.
रातभर बर्तन भिगोने से क्या होता है?
बर्तनों पर चिपका खाना निकालने के लिए उन्हें कुछ समय के लिए पानी में भिगोना गलत नहीं है. समस्या तब शुरू होती है जब उन्हें पूरी रात पानी में डुबोकर छोड़ दिया जाता है. गंदे बर्तनों से निकले खाने के अवशेष पानी में मिलते रहते हैं और लंबे समय तक पड़े रहने पर उसमें बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं.
कुछ समय बाद यह पानी साफ रहने के बजाय गंदा और चिपचिपा हो सकता है. बर्तनों पर जमा यह परत बाद में सफाई का काम और मुश्किल बना देती है. यानी रातभर भिगोकर रखने से बर्तन सुबह आसानी से साफ होने के बजाय कई बार ज्यादा रगड़ने पड़ सकते हैं.
बर्तनों से आने लगती है बदबू
सिंक में लंबे समय तक गंदे बर्तन और खाने के अवशेष पड़े रहने से किचन में बदबू भी बढ़ सकती है. खासकर तेज गंध वाले खाने के अवशेष आसपास मौजूद लकड़ी, कपड़े और स्पंज जैसी चीजों में अपनी गंध छोड़ सकते हैं.

लकड़ी की चीजें इस मामले में ज्यादा संवेदनशील होती हैं, क्योंकि इनमें नमी और गंध जल्दी समा जाती है. इसके अलावा इनके छोटे छेद और दरारें बैक्टीरिया के छिपने की जगह भी बन सकती हैं. यही वजह है कि गंदे बर्तनों को लंबे समय तक सिंक में छोड़ना किचन की सफाई के लिए अच्छी आदत नहीं मानी जाती.
कीड़े-मकौड़ों को मिल जाता है खाना
अगर रातभर सिंक में गंदे बर्तन पड़े हैं तो उन पर मौजूद खाने के टुकड़े और उनकी गंध चींटियों और कॉकरोच जैसे कीटों को आकर्षित कर सकती है. एक बार अगर उन्हें किसी घर में नियमित रूप से खाना मिलने लगे तो वे बार-बार उसी जगह लौट सकते हैं.
कीटों को घर में टिके रहने के लिए मुख्य रूप से भोजन, पानी और छिपने की जगह की जरूरत होती है. गंदे बर्तनों से उन्हें भोजन और पानी दोनों मिल सकते हैं. अगर आसपास छिपने की जगह भी मौजूद हो तो किचन में कीड़ों की समस्या बढ़ सकती है.
तो बर्तन कब धोने चाहिए?
सबसे अच्छा तरीका है कि खाने के तुरंत बाद बर्तनों को धो दिया जाए. अगर तुरंत धोना संभव नहीं है तो कम से कम बर्तनों को अच्छी तरह से पानी से धोकर उनमें चिपका खाना हटा दें. इससे खाना सूखकर बर्तन पर जमने से बच जाएगा. अगर किसी बर्तन पर खाना ज्यादा चिपका हुआ है तो उसे कुछ समय के लिए गर्म पानी और थोड़े डिश सोप में भिगोया जा सकता है. लेकिन इसे अगले दिन तक छोड़ने के बजाय थोड़ी देर बाद साफ कर देना बेहतर है. अगर घर में डिशवॉशर है तो गंदे बर्तन सिंक में छोड़ने के बजाय उन्हें सीधे डिशवॉशर में रख दें. इससे सिंक खाली रहेगा और खाने के अवशेष लंबे समय तक वहां जमा नहीं होंगे.
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सोने से पहले सिंक जरूर साफ करें
किचन को साफ रखने का सबसे आसान तरीका है कि रात में सोने से पहले सिंक को खाली कर दिया जाए. बर्तनों को धोने के साथ-साथ सिंक में पड़े खाने के टुकड़े भी हटा दें. इससे कीड़ों को रातभर खाने का आसान स्रोत नहीं मिलेगा. अगर कच्चा मांस किसी सतह के संपर्क में आया है तो उस जगह को साबुन और पानी से अच्छी तरह साफ करें और जरूरत के अनुसार सैनिटाइज भी करें. रोजाना इस्तेमाल होने वाले स्पंज और कपड़े को भी नियमित रूप से साफ करना जरूरी है, क्योंकि इनमें नमी के कारण बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं. इसके अलावा सिंक और किचन के आसपास खाने के छोटे टुकड़े न पड़े रहने दें. कूड़ेदान को भी समय-समय पर खाली करें और सिंक की नाली में फंसे खाने के अवशेष साफ करते रहें.
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