HIV एक ऐसी बीमारी है जो शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को कमजोर कर देती है. इससे बचाव के लिए कई तरह के उपाय किए जाते हैं. जिन लोगों में HIV संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है, उन्हें संक्रमण से पहले कुछ दवाएं दी जाती हैं, ताकि वायरस से बचने में मदद मिल सके. अभी तक इसके लिए रोज गोली लेने का तरीका काफी इस्तेमाल होता रहा है. लेकिन अब एक ऐसे इंजेक्शन को लेकर स्टडी सामने आई है, जिसे हर 8 सप्ताह में लगाया जाता है. स्टडी में यह इंजेक्शन रोज ली जाने वाली गोली की तुलना में HIV से बचाव करने में ज्यादा असरदार पाया गया. हालांकि, यह बात समझना जरूरी है कि यह इंजेक्शन HIV का इलाज नहीं करता, बल्कि HIV से बचाव के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
हर 8 सप्ताह में लगाया जाता है ये इंजेक्शन
इस इंजेक्शन का नाम कैबोटेग्राविर है. इसे HIV से बचाव के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसकी खास बात यह है कि इसे रोज लेने की जरूरत नहीं होती. इसे करीब 8 सप्ताह के अंतर पर लगाया जाता है. रोज गोली लेने में कई बार लोग कोई दिन भूल सकते हैं या समय पर दवा नहीं ले पाते. ऐसे में लंबे समय तक असर करने वाला यह इंजेक्शन एक दूसरा विकल्प हो सकता है. हालांकि, इसे कब और किसे लगाया जाना चाहिए, इसका फैसला डॉक्टर की सलाह से ही किया जाता है.
स्टडी में गोली के मुकाबले ज्यादा असरदार मिला
इस इंजेक्शन को लेकर बड़ी संख्या में लोगों पर स्टडी की गई थी. इसमें 4,566 लोगों को शामिल किया गया था. एक समूह को हर 8 सप्ताह में कैबोटेग्राविर का इंजेक्शन दिया गया, जबकि दूसरे समूह को रोज HIV से बचाव की गोली दी गई. स्टडी के दौरान इंजेक्शन लेने वाले समूह में 13 लोगों में HIV संक्रमण पाया गया, जबकि गोली लेने वाले समूह में 39 लोग संक्रमित हुए. इस आधार पर शोधकर्ताओं ने पाया कि इंजेक्शन HIV से बचाव में रोज ली जाने वाली गोली से ज्यादा असरदार था.
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महिलाओं पर भी की गई थी स्टडी
इस इंजेक्शन को लेकर महिलाओं पर भी अलग से स्टडी की गई थी. इसमें 3,224 महिलाओं को शामिल किया गया. इस दौरान जिन महिलाओं को हर 8 सप्ताह में इंजेक्शन दिया गया, उनमें HIV संक्रमण के 4 मामले सामने आए. वहीं रोज गोली लेने वाले समूह में 36 मामले मिले. इस स्टडी के बाद भी कैबोटेग्राविर को HIV से बचाव के लिए असरदार पाया गया. इससे यह उम्मीद बढ़ी कि HIV संक्रमण के खतरे वाले लोगों के लिए रोज गोली लेने के अलावा लंबे समय तक असर करने वाला इंजेक्शन भी एक विकल्प हो सकता है.
क्या यह HIV की गोली का इलाज है?
यहां एक बात समझना बहुत जरूरी है. यह इंजेक्शन HIV से संक्रमित व्यक्ति को ठीक करने के लिए नहीं है. इसका इस्तेमाल HIV से बचाव के लिए किया जाता है. यानी अगर किसी व्यक्ति को HIV नहीं है, लेकिन उसके संक्रमित होने का खतरा है, तो डॉक्टर की सलाह से यह इंजेक्शन बचाव के लिए दिया जा सकता है. अगर किसी व्यक्ति को पहले से HIV है, तो उसके इलाज के लिए अलग दवाओं की जरूरत होती है. इसलिए इस इंजेक्शन को HIV का इलाज समझना सही नहीं होगा.
इंजेक्शन लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी
स्टडी में इस इंजेक्शन के अच्छे नतीजे सामने आए हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति इसे अपनी मर्जी से लगवा सकता है. इसे लेने से पहले यह पता करना जरूरी होता है कि व्यक्ति HIV से संक्रमित तो नहीं है और उसके लिए यह बचाव का तरीका सही है या नहीं. इंजेक्शन समय पर लगवाना भी जरूरी होता है, क्योंकि अगली खुराक में ज्यादा देरी होने पर बचाव का असर कम हो सकता है. इसलिए HIV से बचाव के लिए इस तरह की दवा या इंजेक्शन लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
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