इलेक्शन कमीशन और एसआईआर विवाद पर देश के सीनियर वकील प्रशांत भूषण ने कहा है कि आज जो बात सामने आई है, वह बेहद गंभीर है. इससे पता चलता है कि चुनाव आयोग एक व्यक्ति, ज्ञानेश कुमार की जागीर बन गया है. सीनियर एडवोकेट ने साथ ही चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मुकदमा चलाने की बात कही है.
VIDEO | On the EC-SIR row, senior advocate Prashant Bhushan says, “The revelation made today is extremely serious. It shows that the Election Commission has become the fiefdom of one person, Gyanesh Kumar. There are three Election Commissioners, and the other two have repeatedly… pic.twitter.com/DOjtpXu0EB
— Press Trust of India (@PTI_News) September 23, 2026
सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा, ‘देखिए इंडियन एक्सप्रेस ने जो खुलासा किया है, वो इतना भयानक है, जो यह दिखा रहा है कि इलेक्शन कमीशन एक आदमी की जागीर बन चुकी है. ज्ञानेश कुमार की. और जबकि तीन इलेक्शन कमीशनर हैं, दो कई बार आपत्ति जता रहे हैं. इलेक्शन कमीशन के फैसलों पर, लेकिन फिर भी ज्ञानेश कुमार जो करना चाहते हैं, करते चले जा रहे हैं. और उन दूसरे इलेक्शन कमीशनर्स को इग्नोर करते चले जा रहे हैं. जो एक गंभीर बात इस खुलासे में आई है, कि ज्ञानेश कुमार ने इलेक्शन कमीशन का सारा आईटी सिस्टम, ऐसा सेंट्रलाइज कर दिया है, यहां सेंट्रल इलेक्शन कमीशन से सभी फैसले लिए जाते हैं, किसको वोटर लिस्ट में डालना है, किसको नहीं डालना है. किसको निकाल देना है.’
उन्होंने कहा, ‘वहां का जो लोकल ERO है, जिसको ये वैधानिक प्राधिकरण (Statutory authority) दी गई है, उसका फैसला, बिल्कुल कोई मतलब नहीं करता है. क्योंकि ज्ञानेश कुमार या उनकी बनाई हुई सेल यह तय कर लेती है, कि किसका नाम रखना है, किसका नाम नहीं रखना है. और जो Statutory बॉडी है, इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर, उसको नहीं दिया जाता है. यह तो इतनी गंभीर बात है, जिसको कि ज्ञानेश कुमार को सिर्फ बर्खास्त ही नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि ज्ञानेश कुमार को प्रोसिक्यूट करने की जरूरत है, इस देश में.’
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