मुंबई स्थित टैगोर थिएटर में आयोजित ‘सुरीला सफर-30: एन इवनिंग ऑफ बॉलीवुड मेलोडीज’ में बॉलीवुड की सदाबहार धुनों के साथ महान गायिका लता मंगेशकर की संगीत विरासत को याद किया गया. इस कार्यक्रम में एक्ट्रेस पूनम ढिल्लों शामिल हुईं और लता जी के साथ जुड़ी अपनी पुरानी यादें साझा कीं.
लता जी को याद कर बोलीं पूनम ढिल्लों
उन्होंने बताया कि उनके लंबे फिल्मी करियर में लता मंगेशकर की आवाज का खास हिस्सा रहा है. उन्होंने उनके लिए कई गाने गाए थे. लता जी के बिना हिंदी फिल्मों का संगीत अधूरा होता है.
आईएएनएस से खास बातचीत में पूनम ढिल्लों ने लता मंगेशकर को याद करते हुए कहा, ‘लता मंगेशकर हम सभी के लिए बहुत प्यारी हैं. उनके बिना हिंदी फिल्मों का संगीत अधूरा होता है. यह देख अच्छा लगता है कि ऐसे कार्यक्रमों के जरिए उन्हें याद किया जा रहा है. वह भी मेरे प्यारे टैगोर थिएटर में. यह मेरे लिए बेहद खुशी की बात है.’
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लता जी को याद कर बोलीं पूनम ढिल्लों
पूनम ने कहा, ‘टैगोर थिएटर से मेरा रिश्ता काफी पुराना है. मैं बचपन से यहां आयोजित कॉन्सर्ट में आती रही हूं. इसलिए इसी जगह पर लता मंगेशकर को याद करने वाले कार्यक्रम का हिस्सा बनना मेरे लिए खास है. लता जी के साथ काम करना हमेशा यादगार रहेगा. ‘
वो आगे कहती है, ‘उनके गाए सभी गाने बेहद खूबसूरत थे. अपने करियर में मैंने जितनी फिल्मों में काम किया, उनमें से केवल एक-दो फिल्मों को छोड़कर बाकी में लता मंगेशकर की आवाज है.’ बता दें कि ‘सुरीला सफर-30’ के जरिए बॉलीवुड की उन मेलोडी को याद किया जाता है, जो आज भी लोगों के बीच अपनी जगह बनाए हुए हैं.
कार्यक्रम में लता मंगेशकर की संगीत यात्रा को याद किया गया. उनकी आवाज में रिकॉर्ड किए गए कई गाने आज भी अलग-अलग पीढ़ियों के बीच सुने जाते हैं और हिंदी फिल्म संगीत की पहचान से जुड़े हुए हैं.
2022 में हुआ था लता मंगेशकर का निधन
बता दे कि लता मंगेशकर का 6 फरवरी 2022 को 92 साल की उम्र में निधन हो गया था. कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके चलते उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती किया गया. बताया जाता है कि इलाज के दौरान कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जिसके बाद उनका निधन हो गया.
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