Dairy Animal Buying Tips: डेयरी फार्मिंग का बिजनेस किसानों के लिए कमाई का एक अच्छा जरिया बन सकती है लेकिन इसमें सिर्फ गाय या भैंस खरीद लेना ही काफी नहीं है. पशुओं की सही नस्ल चुनने से लेकर उनके खान-पान, रहने की जगह और साफ-सफाई तक हर चीज का ध्यान रखना जरूरी होता है. खासकर मौसम बदलने के समय पशुओं की देखभाल में थोड़ी भी लापरवाही उनकी सेहत और दूध उत्पादन पर असर डाल सकती है.
अक्टूबर में दिन के समय गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंड शुरू हो जाती है. तापमान में इस बदलाव का असर पशुओं पर भी पड़ सकता है. ऐसे में अगर आप डेयरी शुरू करने की सोच रहे हैं तो इससे पहले पशुओं की देखभाल से जुड़ी कुछ जरूरी बातों को समझ लेना चाहिए.
पशु खरीदने से पहले अच्छी तरह जांच करें
पशु खरीदते समय उसकी नस्ल, उम्र, स्वास्थ्य और दूध देने की क्षमता की जानकारी जरूर लें. अगर हो सके तो डेयरी शुरू करने से पहले पशुपालन का प्रशिक्षण लेना भी फायदेमंद रहेगा. इससे पशुओं की रोजाना देखभाल और बीमारी के शुरुआती लक्षण पहचानने में मदद मिलेगी.
हर पशु को एक जैसा चारा न दें
दूध देने वाले पशु, छोटे बछड़े और कमजोर पशुओं की जरूरत अलग-अलग होती है. इसलिए सभी पशुओं को एक जैसा चारा देना सही नहीं है. पशु की उम्र, वजन और दूध देने की मात्रा के हिसाब से उसका आहार तय करना चाहिए. खाने में हरा चारा, सूखा चारा और जरूरी पोषक तत्वों का संतुलन रखना जरूरी है. केवल भूसा या सिर्फ हरा चारा देने से पशु की पूरी पोषण जरूरत पूरी नहीं होती. पर्याप्त साफ पानी भी हर समय उपलब्ध रहना चाहिए.
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पेट के कीड़ों से बचाव भी जरूरी
डेयरी में पशुओं की सेहत बनाए रखने के लिए पेट के कीड़ों से बचाव पर भी ध्यान देना चाहिए. शरीर में मौजूद परजीवी पशु के पोषण का कुछ हिस्सा खत्म कर सकते हैं, जिससे वह कमजोर होने लगता है. बाहरी परजीवी भी पशुओं को परेशान कर सकते हैं. इसलिए पशु चिकित्सक की सलाह से समय-समय पर पशुओं की जांच कराएं और जरूरत के अनुसार डीवर्मिंग यानी कृमिनाशक दवा दें. बिना सलाह के कोई दवा देने से बचना चाहिए.
अक्टूबर में रखें मौसम का खास ध्यान
अक्टूबर में दिन में तेज धूप हो सकती है, जबकि सुबह और शाम मौसम ठंडा रहने लगता है. ऐसे में पशुओं को लंबे समय तक सीधी धूप में बांधकर नहीं रखना चाहिए. उनके लिए हवादार और छायादार जगह होनी चाहिए, जहां वे आराम से रह सकें. पशुओं के व्यवहार, खाने-पीने और दूध देने की मात्रा पर भी नजर रखें. अगर पशु अचानक कम खाना शुरू करे, सुस्त दिखे या दूध कम हो जाए तो पशु चिकित्सक से सलाह लें. सही खान-पान, साफ-सफाई और मौसम के हिसाब से देखभाल से पशुओं को स्वस्थ रखने और दूध उत्पादन बनाए रखने में मदद मिल सकती है.
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