यूपी के गोरखपुर में सियासी हलचल तेज हो गई है. गोरखपुर फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन 2026 के चुनाव में डॉ. संजय त्रिपाठी ने दूसरी बार सपा के टिकट पर पर्चा दाखिल किया है. इसके पहले वे बीजेपी से टिकट नहीं मिलने पर बागी हो गए थे और अपनी गाड़ी से बीजेपी का झंडा उतारते हुए उपेक्षा का आरोप लगाया था.
इसके बाद उन्होंने निर्दल प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल किया था. लेकिन इसके ठीक दूसरे दिन समाजवादी पार्टी शीर्ष नेतृत्व ने ब्राह्मण कार्ड खेलते हुए डॉ. संजयन त्रिपाठी को कमलेश यादव की जगह प्रत्याशी घोषित कर सियासी हलचल तेज कर दी. अब उनका मुकाबला बीजेपी के ध्रुव कुमार त्रिपाठी और पिछले चुनाव में रनरअप रहे अजय सिंह के साथ में है.
निर्दल पर्चा दाखिल कर गाड़ी से निकाला बीजेपी का झंडा
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन 2026 के चुनाव में इस बार तेजी से राजनीतिक समीकरण बदलता हुआ नजर आ रहा है. बीते 6 साल से बीजेपी में जमीन तलाश रहे डॉ. संजयन त्रिपाठी गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन 2026 के चुनाव के लिए पहले से तैयारी कर रहे थे. उन्हें उम्मीद ही नहीं बल्कि पूरा विश्वास रहा है कि इस बार बीजेपी शीर्ष नेतृत्व उन्हें टिकट देकर मैदान में उतारेगा. लेकिन जब टिकट की घोषणा हुई तो ध्रुव कुमार त्रिपाठी को बीजेपी ने प्रत्याशी घोषित कर दिया.
इसके बाद डॉ. संजयन त्रिपाठी ने निर्दल प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी. 1 अक्टूबर (गुरुवार) को वे सिविल लाइंस स्थित निपाल क्लब में अपने समर्थकों के साथ जुटे. यहां से उन्होंने कमिश्नर कोर्ट पहुंचकर निर्दल प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल किया. पर्चा दाखिल करने के बाद जब वह बाहर निकले तो उन्होंने अपनी गाड़ी से बीजेपी का झंडा निकाल दिया और भावुक होते हुए कहा बीजेपी में उनकी उपेक्षा की गई है. जबकि शीर्ष नेतृत्व से एक बड़े नेता ने उन्हें वार्ताकर तैयारी करने के लिए पहले ही कहा था.
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3 अक्टूबर को की साइकिल पर सवार हुए डॉ. संजयन त्रिपाठी
उनके भावुक होने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा. बीजेपी में डॉ. संजयन त्रिपाठी की उपेक्षा के बाद समाजवादी पार्टी को ब्राह्मण कार्ड खेलने का मौका मिल गया. समाजवादी पार्टी ने 2 अक्टूबर (शुक्रवार) को सुबह डॉक्टर संजयन त्रिपाठी को लखनऊ बुला लिया. इसके बाद 3 अक्टूबर (शनिवार) को डॉ. संजयन त्रिपाठी समाजवादी पार्टी की साइकिल पर सवार हो गए. अब वह सपा की साइकिल की पैडल चलाकर प्रदेश की सत्ता के सबसे बड़े गलियारे में चहलकदमी करना चाहते हैं.
यही वजह है कि उन्होंने तेजी से बदलते राजनीतिक समीकरण में शिक्षक एमएलसी चुनाव में सत्ता का ताज पहनने के लिए समाजवादी में जाने से जरा भी संकोच नहीं किया और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के हाथ से सपा की सदस्यता ले ली. उनका विश्वास है कि शिक्षक हित की लड़ाई लड़ने और उनकी आवाज बुलंद करने के साथ ही पुरानी पेंशन बहाल करने जैसे तमाम मुद्दों को लेकर आगे चलने की वजह से शिक्षक उनको जीत जरुर दिलाएंगे.
संजयन त्रिपाठी ने बीजेपी प्रत्याशी के सामने खड़ी करी मुश्किलें
डॉ. संजयन त्रिपाठी के बीजेपी को टाटा बाय-बाय कहकर समाजवादी पार्टी की साइकिल पर सवार होने की वजह से जहां गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन-2026 का चुनाव रोचक हो गया है, तो वहीं संजयन त्रिपाठी के बागी तेवर ने सत्ताधारी दल के बीजेपी प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के सामने मुश्किलें भी खड़ी कर दी है.
गोरखपुर फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन 2026 के चुनाव में एक सप्ताह के भीतर ही तेजी से राजनीतिक समीकरण बदला है. ऐसे में पहले गुरुवार यानी 1 अक्टूबर (गुरुवार) को डॉ. संजयन त्रिपाठी ने जहां निर्दल प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल कर बीजेपी प्रत्याशी को चुनौती दी, तो वही मंगलवार यानी 6 अक्टूबर को वे दोबारा समाजवादी पार्टी की साइकिल पर सवार होकर पर्चा दाखिल कर दमखम दिखा रहे हैं. ऐसे में देखना यह है कि गोरखपुर फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन 2026 के चुनाव में किसका मंगल होता है.
