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कश्मीर पर PAK की साजिश UN चीफ ने की फेल! इस्लामाबाद बुलाकर मुनीर ने चली गंदी चाल


संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों से जुड़े सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया. पाकिस्तान के दौरे पर गए यूएन महासचिव के जरिए पाकिस्तान की साजिश कश्मीर मुद्दे को भड़काने की थी, जिसे उन्होंने कूटनीतिक तरीके से जवाब देते हुए फेल कर दिया. इससे पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर की कश्मीर को लेकर गंदी चाल नाकामयाब हो गई. 

एक पत्रकार ने उनसे इन प्रस्तावों को लेकर सवाल किया था. इसके जवाब में गुटेरेस ने कहा कि उनका मानना है कि सभी समस्याओं का समाधान शांति और संवाद के जरिए किया जा सकता है और उनकी ‘गुड ऑफिसेज’ यानी मध्यस्थता की पेशकश सभी परिस्थितियों में उपलब्ध है.

गुटेरेस का यह बयान ऐसे समय आया है, जब वह तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर पाकिस्तान पहुंचे हैं. अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर से रावलपिंडी में मुलाकात भी की.

सुरक्षा परिषद में सुधार की जरूरत बताई

पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुटेरेस ने जम्मू-कश्मीर के सवाल का सीधा जवाब देने के बजाय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मौजूदा स्थिति पर बात की.

उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद इस समय वैधता और प्रभावशीलता के संकट का सामना कर रही है. गुटेरेस के मुताबिक, सुरक्षा परिषद की मौजूदा संरचना आज की दुनिया की वास्तविक स्थिति को पूरी तरह नहीं दर्शाती.

उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य और बड़ी शक्तियां ही कई बार संघर्ष शुरू करने वाली पहली ताकतें बन जाती हैं और कुछ मामलों में अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन भी करती हैं. उन्होंने सुरक्षा परिषद में सुधार की जरूरत पर जोर दिया.

असीम मुनीर से रावलपिंडी में मुलाकात

इसके बाद गुटेरेस ने रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर में पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर से मुलाकात की. पाकिस्तान सेना की ओर से जारी बयान के मुताबिक, दोनों के बीच आपसी हित के मुद्दों, क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा को बढ़ावा देने में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर चर्चा हुई.

बयान में कहा गया कि बैठक के दौरान क्षेत्रीय स्थिरता, जम्मू-कश्मीर विवाद, भारत की ओर से सिंधु जल संधि को स्थगित रखने और अफगानिस्तान से पैदा हो रहे आतंकवाद को लेकर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ.

पहलगाम हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को किया स्थगित

भारत ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित रखा था. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी.

बैठक के दौरान असीम मुनीर ने अंतरराष्ट्रीय शांति के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता दोहराई और संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में पाकिस्तान के योगदान का उल्लेख किया.

वहीं, गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में पाकिस्तान और उसकी सेना के योगदान की सराहना की. उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान की ओर से दिए गए योगदान और बलिदानों का भी उल्लेख किया.

पाकिस्तान पहुंचे गुटेरेस, राष्ट्रपति से भी की मुलाकात

एंटोनियो गुटेरेस मंगलवार को तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर पाकिस्तान पहुंचे. उन्होंने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात की. जरदारी ने उन्हें पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल निशान-ए-इम्तियाज से सम्मानित किया.

गुटेरेस ने पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के साथ भी बातचीत की. इसके अलावा उन्होंने भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (UNMOGIP) का भी दौरा किया.

भारत ने इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन में दिया जवाब

इधर, भारत ने तंजानिया के अरुशा में इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन (IPU) की 153वीं महासभा में जम्मू-कश्मीर पर अपना रुख दोहराया.

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने भारत के जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल की ओर से जम्मू-कश्मीर के संदर्भ पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश “भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से रहे हैं, हैं और हमेशा रहेंगे.”

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