अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने और उनकी दादी के निधन पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का बयान सामने आया है. पार्टी ने एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि अभिजीत दीपके और उनके परिवार पर गुजरी निजी त्रासदी को लेकर दिल्ली पुलिस जिस तरह की ओछी राजनीति कर रही है, उसे देखकर हम हैरान हैं. इसमें दावा किया गया कि दीपके के परिवार या CJP के वकीलों में से किसी को भी उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है.
कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा, ‘हम CJP के तीनों नेताओं की सुरक्षा को लेकर बहुत चिंतित हैं. प्रेस को ऐसी जानकारी लीक करने के बजाय, दिल्ली पुलिस को अभिजीत के परिवार और वकीलों को उनसे बात करने देना चाहिए और उन्हें तुरंत रिहा करना चाहिए. यह बहुत दुखद है कि मोदी-शाह देश के युवाओं के साथ इतनी बेरुखी और अपमानजनक व्यवहार कर रहे हैं.’
दीपके की दादी का निधन
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके की दादी का लंबी बीमारी के बाद 10 अक्टूबर को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया. वह एक महीने से बीमार थीं और उन्हें पहले हिंगोली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. दीपके के परिवार के लोगों ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार रविवार सुबह 10 बजे किया जाएगा. न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पुलिस ने दीपके को उनकी दादी के निधन की सूचना दे दी है. दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब यह उन पर निर्भर करता है कि वे हिरासत में रहकर विरोध प्रदर्शन जारी रखना चाहते हैं या अंतिम संस्कार के लिए वापस लौटना चाहते हैं.
करीब 3000 लोगों को हिरासत में लिया गया
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक सीजेपी के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे करीब 3000 लोगों को अभी तक हिरासत में लिया गया है. एसआईआर में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कई विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया. इनमें आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पार्टी नेता गोपाल राय और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शामिल हैं.प्रदर्शनकारियों की मांग है कि कथित चुनावी अनियमितताओं की जवाबदेही तय की जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें.
