मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) की एक हाई-लेवल टीम 15 अक्टूबर को लेह का दौरा करेगी. यह टीम लेह एपेक्स बॉडी (LAB), कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) के नेताओं और लद्दाख के दूसरे प्रतिनिधियों से अहम बातचीत करेगी.
सूत्रों के अनुसार, बैठक में शामिल होने वाले LAB के तीन सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल में राजनेता, सामाजिक-धार्मिक नेता और एक्टिविस्ट शेरिंग दोरजे लकरुक; क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक; और लद्दाख बौद्ध संघ के अध्यक्ष गेलोंग स्टैनज़िन दोरजे शामिल हो सकते हैं. KDA का प्रतिनिधित्व सज्जाद कारगिली, असगर अली करबलाई और गुलाम रसूल नकवी करेंगे.
उन्होंने बताया कि बैठक में लद्दाख से लोकसभा सदस्य हनीफा जान, पूर्व सांसद थुपस्तान छेवांग, कारगिल हिल डेवलपमेंट काउंसिल के चेयरमैन मोहम्मद जाफ़र अखून और लेह हिल डेवलपमेंट काउंसिल के पूर्व चेयरमैन ताशी ग्यालसन के भी शामिल होने की उम्मीद है. सब-कमेटी की इस बैठक में MHA के सीनियर अधिकारियों के अलावा लद्दाख के टॉप ब्यूरोक्रेट्स भी शामिल होंगे.
नई दिल्ली के बजाय लेह में होगी हाई लेवल मीटिंग
सूत्रों के मुताबिक, LAB के चेयरमैन शेरिंग दोरजे लकरुक ने कहा कि उन्हें बातचीत के लिए कोई लिखित निमंत्रण नहीं मिला है, लेकिन लद्दाख के मुख्य सचिव (आशीष कुंद्रा) ने उन्हें जानकारी दी है कि सब-कमेटी की बैठक 15 अक्टूबर को होगी और इस बार बैठक की जगह नई दिल्ली के बजाय लेह होगी. लक्रुक ने फिर कहा कि वे MHA द्वारा 9 सितंबर को नई दिल्ली में हुई पिछली सब-कमेटी मीटिंग में पूछे गए नौ सवालों के जवाब सौंपेंगे.
LAB चेयरमैन ने कहा, “हम नई दिल्ली के अपने कानूनी सलाहकार की मदद से तैयार किए गए जवाबों के साथ तैयार हैं और हम MHA अधिकारियों को दस्तावेज सौंप देंगे.”
सज्जाद करगिली भी होंगे शामिल
हालांकि, जब लेह में होने वाली अगली सब-कमेटी मीटिंग से उम्मीदों के बारे में KDA के सीनियर नेता सज्जाद करगिली से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें गृह मंत्रालय के अधिकारियों से UT-स्तर की बॉडी का ड्राफ्ट मिलने की उम्मीद है.
करगिली ने कहा, “मीटिंग में MHA की तरफ से विधायी, वित्तीय और कार्यकारी शक्तियों वाली UT-स्तर की बॉडी के लिए ड्राफ्ट आना चाहिए.”
MHA के 9 सवालों के जवाब पर, KDA नेता ने कहा कि चूंकि UT-स्तर की चुनी हुई बॉडी का प्रस्ताव गृह मंत्रालय की तरफ से आया है, इसलिए उन्हें ही ड्राफ्ट सौंपना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसमें कोई देरी नहीं होनी चाहिए.
प्रत्यक्ष चुनाव की मांग
नई दिल्ली में 9 सितंबर को हुई सब-कमेटी मीटिंग में यह तय किया गया था कि UT-स्तर की बॉडी के लिए सीधे चुनाव होंगे, यानी इसके प्रतिनिधि लोगों द्वारा चुने जाएंगे, न कि सात ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल के सदस्यों द्वारा.
सूत्रों ने बताया कि MHA द्वारा LAB से मांगे गए नौ सवालों के जवाब केवल कुछ सीमित मुद्दों से संबंधित थे, न कि उन सभी शक्तियों से जो नई चुनी गई UT-स्तर की बॉडी के पास होंगी. 9 सितंबर की बातचीत में, लद्दाख की संस्थाओं को यह भी बताया गया था कि ज़मीन, संस्कृति, विरासत, जंगल, पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन अनुच्छेद 240 के तहत UT-स्तर की चुनी हुई बॉडी के अधिकार क्षेत्र में होंगे.
अनुच्छेद 371 A, F और G तहत मिलेंगी लद्दाख को शक्तियां
नई दिल्ली में 22 मई को हुई मीटिंग में, LAB और KDA केंद्र सरकार के साथ लद्दाख में लोकतंत्र बहाल करने, अनुच्छेद 371 A, F और G की तर्ज़ पर संवैधानिक सुरक्षा देने और विधायी, वित्तीय और कार्यकारी शक्तियों वाली UT-स्तर की चुनी हुई बॉडी के गठन पर सैद्धांतिक रूप से सहमत हुए थे.
बाद में, MHA ने लेह में दो और मीटिंग कीं जिनमें UT-स्तर की बॉडी से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन गृह मंत्रालय ने अभी तक इसके मुख्य पहलुओं को सामने नहीं रखा है. संस्था का नाम, सीटों की कुल संख्या, सटीक अधिकार और अन्य संबंधित मामले.
लद्दाख में UT प्रशासन ने पहले ही सात ज़िला हिल डेवलपमेंट काउंसिल के गठन की सूचना जारी कर दी है. पहले दो हिल काउंसिल थीं – लेह और करगिल. अभी करगिल ज़िले में चुनी हुई हिल काउंसिल है, जबकि लेह काउंसिल का कार्यकाल पिछले साल अक्टूबर में पूरा हो गया था.
