West Bengal Election 2026: बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन ने एबीपी न्यूज को पहला टीवी इंटरव्यू दिया. इस दौरान उन्होंने बंगाल में चल रहे चुनाव को लेकर अपनी बात रखी. साथ ही टीएमसी शासन पर भी जमकर निशाना साधा.
टीएमसी की तरफ से उठाए जा रहे SIR के मुद्दे को लेकर नितिन नवीन ने कहा कि हम इस मुद्दे पर स्पष्ट हैं. जो यहां के लोग हैं, उन्हें यहां का हिस्सा मिलना चाहिए. पश्चिम बंगाल के लोगों का हक हम देंगे. हम बाहर के बांग्लादेशियों के लोगों को हक देने के लिए नहीं बैठे हैं.
ममता दीदी की सरकार पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए बनी थी. लेकिन अब वो नहीं दिख रहा है. इसलिए 15 सालों में बंगाल के लोगों का विकास तो हुआ नहीं और बांग्लादेशी हमारे देश में आकर बस गए. अगर नाम डिलीट हो रहा है, तो डिलीट होगा, डिपार्ट होगा और डिपोर्ट होगा. यह बात निश्चित है.
एसआईआर बिहार में भी हुआ है. वहां भी नाम काटे. बिहार की जनता ने वोट चोरी का दावा करने वालों को जवाब दिया. उसके बाद कहीं नजर नहीं आए. 4 मई के बाद दीदी एसआईआर नहीं बोलेंगी.
महिला आरक्षण पर क्या बोले बीजेपी अध्यक्ष
महिला आरक्षण पर बोले कि यह भाजपा को अंक गणित में हराने में कामयाब हो गए. लेकिन इन्होंने देश की माता बहनों को पीछे ले जाने का काम किया. अगर हम सोचते हैं, कि नारी वंदन अधिनियम के तहत अहम महिलाओं को उनकी हिस्सेदारी 2029 से पहले दें, इसमें वो पीछे क्यों हैं, इस बात का जवाब वो नहीं दे पाए. विपक्ष के हिसाब से महिला आरक्षण का मतलब होता है, राबड़ी देवी, प्रियंका गांधी, डिंपल यादव, ऐसे ऐसे लोग जो बड़े शागीर्द हो सकते हैं.
विपक्ष मुगालते में है कि हम आएंगे तब ही परिसीमन कराएंगे
जब बीजेपी अध्यक्ष नवीन से महिला आरक्षण बिल के बहाने परिसीमन करने के विपक्ष के आरोप को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि हम परिसीमन का कानून उनकी सरकार में ही बना. उन्होंने देश में परिसीमन किया गया. लेकिन वो सोचते हैं, कि जब वो सत्ता में आएंगे तब परिसीमन कराएंगे. इसलिए गृहमंत्री ने सदन में बोला कि 2029 में भी प्रधानमंत्री की कुर्सी खाली नहीं है. विपक्ष में मुगालते में हैं कि उनकी सरकार बनने पर ही परिसीमन होगा. नवीन ने कहा कि इन्होंने महिला आरक्षण को देने के समय को बढ़ा दिया है. परिसीमन के बहाने महिला आरक्षण रोकने का काम विपक्ष ने किया है.
ये भी पढ़ें
