Headlines

इस्लामाबाद में पीस टॉक से पहले ईरान का बड़ा दावा- ‘पाकिस्तान में 10 पॉइंट प्रपोजल पर बनी थी बात, लेकिन अमेरिका ने…’


अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब ईरान ने एक बार फिर वॉशिंगटन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ कहा है कि अमेरिका ने न सिर्फ युद्धविराम का उल्लंघन किया, बल्कि बातचीत के दौरान भी हमले किए, जिससे भरोसे का संकट और गहरा गया है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि इस्लामाबाद में 10 सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया गया था, जिस पर चर्चा भी हुई. उन्होंने कहा कि अमेरिका-इजरायल हमलों से पहले होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह सुरक्षित था.

अमेरिका पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप
प्रवक्ता के अनुसार, अमेरिका ने शुरू से ही युद्धविराम का उल्लंघन किया. ईरान ने इस बारे में पाकिस्तानी मध्यस्थ को भी जानकारी दी थी. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने समुद्री नाकेबंदी लगाकर समझौते की शर्तों को तोड़ा.

हमले और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन
ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने एक ईरानी जहाज पर हमला किया, जो युद्धविराम और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है. इसके साथ ही अमेरिका ने दो बार बातचीत की प्रक्रिया को भी तोड़ा, ईरान पर हमले किए, लोगों की जान ली और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया.

यह भी पढ़ें: ट्रंप का गुस्सा कैमरे पर दिखा! भारतीय टैंकर पर हुए हमले के सवाल पर भड़क गए, किससे कहा- Out

यह भी पढ़ें: US Israel Iran War Live: अमेरिका ने घेरा ईरानी जहाज तो गुस्से में बोले ईरान के उपराष्ट्रपति- ‘होर्मुज फ्री सर्विस नहीं…’

पुरानी घटनाओं को नहीं भूल सकता ईरान
ईरान ने कहा कि वह पिछली बातचीत के दौरान हुए अमेरिकी हमलों को नहीं भूल सकता. प्रवक्ता ने दोहराया कि अमेरिका ने शुरुआत से ही समझौते का पालन नहीं किया और लगातार आक्रामक रुख अपनाया.

राष्ट्रीय हितों की रक्षा जारी रहेगी
ईरान ने स्पष्ट किया कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करता रहेगा. साथ ही चेतावनी दी कि अगर अमेरिका और इजरायल किसी नई आक्रामक कार्रवाई की शुरुआत करते हैं, तो ईरानी सशस्त्र बल उसका जवाब देंगे.

राष्ट्रपति पेजेशकियन का बयान
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि अमेरिका के साथ तनाव कम करने के लिए हर तार्किक और कूटनीतिक रास्ता अपनाया जाना चाहिए. हालांकि उन्होंने यह भी जोर दिया कि वॉशिंगटन के साथ बातचीत में सतर्क रहना “बहुत जरूरी” है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *