Headlines

J&K: MBBS-BDS इंटर्न को CM अब्दुल्ला का तोहफा, स्टाइपेंड बढ़ाकर किया 25000


जम्मू-कश्मीर में अनिवार्य इंटर्नशिप कर रहे मेडिकल और डेंटल ग्रेजुएट्स के लिए एक बड़ी खबर है. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उनके मासिक स्टाइपेंड को 12,300 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने की मंजूरी दे दी है. साथ ही, स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग को तुरंत जरूरी आदेश जारी करने का निर्देश दिया गया है.

यह घोषणा तब हुई है, जब मेडिकल इंटर्न ने एक महीने बाद फिर से अपनी हड़ताल शुरू कर दी थी. उनका आरोप था कि उमर अब्दुल्ला सरकार ने एक महीने के भीतर स्टाइपेंड बढ़ाने के अपने वादे से किनारा कर लिया है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने लंबे समय से लंबित इस संशोधन से जुड़ी फाइल को मंजूरी दे दी है, जिससे MBBS और BDS इंटर्न को मिलने वाले मासिक वेतन में काफी बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो गया है.

मासिक स्टाइपेंड को 25,000 करने की फाइल को मंजूरी 

सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया, ‘मुख्यमंत्री ने मासिक स्टाइपेंड को 12,300 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने की फाइल को मंजूरी दे दी है. स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग को तुरंत जरूरी आदेश जारी करने का निर्देश दिया गया है.’ सूत्रों ने बताया कि औपचारिक आदेश मंगलवार को ही जारी होने की उम्मीद थी, लेकिन दशहरा की छुट्टी के कारण ऐसा नहीं हो सका.

अब विभाग बुधवार, 21 अक्टूबर को जरूरी नोटिफिकेशन जारी करेगा. इस फैसले से मासिक स्टाइपेंड में 12,700 रुपये की बढ़ोतरी होगी, जो मौजूदा राशि के मुकाबले लगभग 103.25 प्रतिशत की वृद्धि है. इस तरह, एक इंटर्न को 12 महीनों के लिए कुल 3 लाख रुपये मिलेंगे, जबकि पहले उन्हें 1,47,600 रुपये मिलते थे. यानी इसमें 1,52,400 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पूरे जम्मू-कश्मीर में MBBS और BDS इंटर्न लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. उनकी मांग थी कि उनके मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30,000 रुपये किया जाए.

J&K में दरबार मूव की वापसी, 2 नवंबर से जम्मू में खुलेंगे सरकारी ऑफिस

पिछले 7 वर्षों से स्टाइपेंड में नहीं किया गया था कोई बदलाव 

इंटर्न ने 31 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी. उनका तर्क था कि रहने-सहने का खर्च बढ़ने के बावजूद पिछले करीब सात वर्षों से उनके स्टाइपेंड में कोई बदलाव नहीं किया गया था, जबकि उनसे अस्पताल की ड्यूटी ली जा रही थी. J&K सरकार और छात्र नेताओं के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद हड़ताल खत्म हो गई थी. इस समझौते में सरकार ने एक महीने के भीतर स्टाइपेंड (भत्ते) बढ़ाने का वादा किया था.

तय समय-सीमा खत्म होने पर, ‘ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (AIMSA) और पूरे जम्मू-कश्मीर के MBBS/BDS इंटर्न ने अपनी हड़ताल फिर से शुरू कर दी. स्टाइपेंड बढ़ाने की लंबे समय से लंबित मांग को लागू करने में हो रही देरी के विरोध में, उन्होंने मंगलवार शाम को सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों (GMCs) और SKIMS बेमिना में कैंडल मार्च निकालने की घोषणा की.

OSD से बातचीत में प्रतिनिधिमंडल को अपमानजनक टिप्पणियां

यह फैसला इंटर्न के बीच बढ़ते आक्रोश के बीच लिया गया है. उनका आरोप है कि सरकार ने 8 सितंबर को दिए गए अपने लिखित आश्वासन को पूरा नहीं किया है. उस आश्वासन के तहत, इंटर्न से अपनी मांग के समाधान के लिए 30 दिन इंतजार करने को कहा गया था.

AIMSA के अनुसार, एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल 12 अक्टूबर को फिर से अधिकारियों से मिला. बताया गया है कि उस समय OSD पीरजादा जहूर अहमद ने मामले को सुलझाने के लिए एक और हफ्ते का समय मांगा था. इसके बाद, 19 अक्टूबर को प्रतिनिधिमंडल सचिवालय गया और वित्त महानिदेशक (Director General of Finance) से मुलाकात की, लेकिन यह मुद्दा फिर भी हल नहीं हो सका.

AIMSA के संयुक्त सचिव डॉ. तसदुक ने आरोप लगाया है कि OSD के साथ बातचीत के दौरान प्रतिनिधिमंडल को अपमानजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा. समाचार एजेंसी ‘कश्मीर डॉट कॉम’ की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी ने कहा कि सरकार इंटर्न को मुफ्त मेडिकल शिक्षा देकर उन पर एहसान कर रही है. इन कथित टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए, AIMSA ने कहा कि सरकारी खर्च करदाताओं के पैसे से चलता है. साथ ही, उन्होंने जोर देकर कहा कि मेडिकल इंटर्न की जायज मांगों को सम्मान और गरिमा के साथ पूरा किया जाना चाहिए.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *