ब्राजील में हाल ही में राष्ट्रपति चुनाव हुए हैं. जिसमें लूला डा सिल्वा जीत गए हैं और फ्लावियो बोल्सोनारो का हार का सामना करना पड़ा है. चुनाव में हार बोल्सोनारो बर्दाश्त नहीं कर पाए हैं और उन्होंने देश छोड़ दिया है. सीनेटर बोल्सोनारो ब्राजील छोड़कर अमेरिका चले गए हैं.
बोल्सोनारो ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का पालन नहीं किया है जिसमें उन्हें अपने पासपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक बोल्सोनारो चुनाव हारने के बाद ही वो रविवार को अमेरिका रवाना हो गए हैं. ब्राजील की पुलिस के एक अधिकारी ने बताया है कि ब्राजील से बाहर जाने के लिए किसी तरह का नियमित इमिग्रेशन चेकप्वाइंट का इस्तेमाल नहीं किया है.
क्यों छोड़ा ब्राजील
बोल्सोनारो को सुप्रीम कोर्ट ने पासपोर्ट जमा कराने का आदेश दिया था मगर वो बिना जमा कराए देश छोड़कर चले गए. यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग की एक जांच से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है. फ्लेवियो, उनकी पत्नी और दो बेटियों के ठिकाने के बारे में तुरंत कोई जानकारी नहीं मिल पाई. परिवार के करीबी एक सूत्र ने बताया कि फ्लेवियो फ्लोरिडा पहुंच गए हैं लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि वे वहां कहां हैं. विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “विदेश विभाग फ्लेवियो बोलसोनारो और उनके परिवार को वीजा जारी करेगा और उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश करने की अनुमति देगा.
ब्राजील-अमेरिका के बीच दरार बढ़ी
बोल्सोनारो के सत्ता से हटने से अमेरिका महाद्वीप के इन दो सबसे अधिक आबादी वाले देशों के बीच दरार और गहरी होने का खतरा पैदा हो गया है. लूला ने वाशिंगटन पर आरोप लगाया है कि वह बोल्सोनारो परिवार के साथ मिलकर उन्हें फिर से सत्ता में लाने की साजिश रच रहा है. रविवार को हुए चुनाव से पहले रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि अमेरिकी विदेश विभाग उन्हें फिर से सत्ता में वापस लाने के लिए एक अभियान चला रहा है.
लूला ने बताया शर्मनाक
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा ने बोल्सोनारो के देश छोड़ने को ‘शर्मनाक’ बताया है.
ये भी पढ़ें: दिल्ली से वाराणसी के बीच दौड़ेगी नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, प्रयागराज-कानपुर में भी होगा ठहराव
