लखनऊ के गुरुकुल में 11 साल के दिव्यांश द्विवेदी की संदिग्ध हालत में हुई मौत मामले की जाँच में कई सनसनीख़ेज़ खुलासे सामने आए हैं. शुरुआती पड़ताल में गुरुकुल के अंदर बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार, मारपीट और प्रताड़ना की पुष्टि के संकेत मिले हैं. पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी संचालक सौरभ मिश्रा के साथ उसकी करीबी महिला मित्र हर्षिता सोनी को भी गिरफ्तार किया है.
कानपुर के महाराजपुर क्षेत्र के गैरिया गांव रहने वाले 11 वर्षीय दिव्यांश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. उसका शव 22 अप्रैल को उसके घर के बाहर मिला था. दिव्यांशु को उसके पिता ने वैदिक शिक्षा के लिए लखनऊ के गुरुकुल में भेजा था. इस मामले की जांच के दौरान कई खुलासे हुए हैं.
किसी से बात नहीं करता था आरोपी
गुरुकुल के पास रहने वाली एक महिला ने बताया कि वो यहीं रहते हैं लेकिन, अंदर क्या हो रहा था उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी. “अगर किसी बच्चे ने बताया होता तो शायद पहले ही मामला सामने आ जाता. हमें नहीं लगा कि कोई व्यक्ति एक ही रात में इतना वहशी हो सकता है.”
महिला ने कहा कि यहां करीब 10-12 बच्चे रहते थे और पिछले 6 महीनों से गुरुकुल संचालित हो रहा था. घर का मालिक कोई और था, जबकि उसमें रहने वाला व्यक्ति अलग था. “हमने एक-दो बार बात करने की कोशिश की. लेकिन, कन्हैया (गुरुकुल संचालक) कभी ठीक से बात नहीं करता था. हमेशा अलग और घमंडी रवैया रखता था.
बच्चे को निर्वस्त्र कर डंडों से पीटा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान मिले दो CCTV फुटेज में 11 वर्षीय बच्चे को निर्वस्त्र कर डंडों से पीटने की घटना कैद है. इससे साफ संकेत मिलते हैं कि गुरुकुल में छोटी-छोटी गलतियों पर बच्चों को बेरहमी से दंड दिया जाता था. सूत्रों का कहना है कि आरोपी बच्चों से अमानवीय काम भी करवाता था. भीषण गर्मी में पानी की टंकी साफ कराना, कमरों में पंखे न चलने देना और लगातार शारीरिक दंड देना उसकी दिनचर्या में शामिल था.
पुलिस ने फिलहाल कुकर्म की आशंका से इनकार किया है, लेकिन पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सौरभ उर्फ कन्हैया का बचपन बेहद कठोर परिस्थितियों में बीता. पुलिस के मुताबिक, उसे बचपन में पिता का स्नेह नहीं मिला और छोटी-छोटी बातों पर मारपीट व डांट-फटकार का सामना करना पड़ा. यही कारण है कि उसका स्वभाव आक्रामक बन गया.
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महिला मित्र पर सबूत मिटाने का आरोप
पुलिस ने आरोपी की करीबी महिला मित्र हर्षिता सोनी को भी गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि 22 अप्रैल की सुबह सौरभ ने उसे गुरुकुल बुलाया था. हर्षिता ने ही ऐप के जरिए टैक्सी बुक कर आरोपी को कानपुर भेजने में मदद की. इतना ही नहीं, उस पर गुरुकुल में लगे CCTV कैमरे और वाई-फाई राउटर तोड़कर सबूत मिटाने का भी आरोप है. पुलिस ने उसके खिलाफ सबूत नष्ट करने समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया है.
इस पूरे मामले में गुरुकुल में रहने वाले एक अन्य बच्चे ने भी पुलिस को अहम जानकारी दी है. बच्चे ने बताया कि किस तरह दिव्यांश को बेरहमी से प्रताड़ित किया गया, जो अंततः उसकी मौत का कारण बना.
