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Shamli News: शामली में पैसों के लेनदेन और चुनावी रंजिश में बच्चों से बर्बरता, दुकानदार ने निर्वस्त्र कर पीटा


उत्तर प्रदेश के शामली जनपद से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद गंभीर घटना सामने आई है, यहां चुनावी रंजिश के चलते मासूम बच्चों के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार किया गया है. पीड़ित परिवार ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, वहीं पुलिस की कार्य प्रणाली पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं.

दरअसल, यह मामला शामली के लिलौन गांव का है. आरोप है कि गांव निवासी मोमीन के परिवार से चुनावी रंजिश रखने वाले शिवम नाम के युवक ने अपने दो साथी नितिन और गोलू के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया. घटना बीती 10 मार्च की बताई जा रही है, जब मोमीन के दो मासूम बच्चे घर से खेलने के लिए निकले थे.

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परिजनों ने आरोपियों पर लगाया ये आरोप

परिजनों का आरोप है कि शिवम और उसके साथियों ने बच्चों को बहला-फुसलाकर बड़ी नहर के पास ले गए, जहां उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें नहर में धक्का दे दिया. परिजनों ने बताया कि एक बच्चा तैरना जानता था, जिसने किसी तरह खुद को और अपने छोटे भाई को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

इसके बाद आरोप है कि तीनों आरोपियों ने बच्चों को अपने घर में ले जाकर बंधक बना लिया और उनके साथ फिर मारपीट की. इतना ही नहीं परिजनों का यह भी आरोप है कि आरोपियों ने बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया है.

11000 रुपये के लिए की पिटाई

पीड़ित बच्चों का आरोप यह भी है कि दुकानदार शिवम ने बच्चों से यह भी कहा कि तुम पर 11000 रुपये उधार हैं, तुमने उधारी के पैसे नहीं दिए. इसीलिए तुम्हारी पीटाई की जा रही है. परिजनों के कहे अनुसार, आरोपियों ने बच्चों से यह भी कहा कि तेरा बाप जिला पंचायत चुनाव लड़ रहा है, हम सिखायेंगे कैसे चुनाव लड़ा जाता है. हालांकि, परिजनों ने उधारी के पैसों की बात को भी खारिज किया है.

आरोपियों ने बच्चों को पिता के साथ की गाली-गलौज

यह भी बताया गया है कि, जब बच्चों के पिता मोमीन मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ भी गाली-गलौज की. इसके बाद पीड़ित ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी. साथ ही बच्चों के साथ हुए गलत व्यवहार के बारे में जानकारी दी. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की.

पुलिस की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए सवाल

पीड़ित परिवार का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने अभी तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर मासूमों के साथ हुई इस गंभीर घटना में न्याय कब मिलेगा. फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं. बहरहाल इस घटना ने एक बार फिर कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवालियां निशान लगा दिए हैं.

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