Aaj Ka Panchang: 31 अक्टूबर 2026, शनिवार को नई दिल्ली-NCR में शाम 4:57 बजे त्रिपुष्कर योग और भद्रा एक साथ शुरू होंगे. इसी समय षष्ठी समाप्त होकर सप्तमी तिथि आएगी. सुबह 7:12 बजे से रवि योग रहेगा. इसलिए आज शुभ काम का समय चुनते हुए केवल योग का नाम देखकर निर्णय न लें.
अक्टूबर के आखिरी दिन गुरु का राशि परिवर्तन भी होगा. दोपहर 12:50 बजे गुरु कर्क से सिंह राशि में प्रवेश करेंगे. दिन की दूसरी खास बात यह है कि सुबह और अगली भोर के बीच दो बार नक्षत्र बदलेगा. आधी रात को चंद्रमा भी मिथुन से कर्क में जाएगा.
आज का पंचांग एक नजर में
वार- शनिवार
पूर्णिमांत मास- कार्तिक
अमांत मास- आश्विन
पक्ष- कृष्ण पक्ष
तिथि- षष्ठी शाम 4:57 बजे तक, फिर सप्तमी
नक्षत्र- आर्द्रा सुबह 7:12 बजे तक, फिर पुनर्वसु
योग- सिद्ध शाम 5:31 बजे तक, फिर साध्य
सूर्य राशि- तुला
चंद्र राशि- मिथुन, 1 नवंबर की शुरुआत में रात 12 बजे से कर्क
सूर्योदय- सुबह 6:32 बजे
सूर्यास्त- शाम 5:37 बजे
चंद्रोदय- रात 10:32 बजे
चंद्रास्त- सुबह 11:54 बजे
पुनर्वसु नक्षत्र 1 नवंबर की सुबह 5:39 बजे समाप्त होगा. इसके बाद पुष्य शुरू होगा. यह बदलाव अगले सूर्योदय से पहले होने के कारण आज के सूर्योदय आधारित पंचांग में शामिल है.
त्रिपुष्कर योग और भद्रा साथ हों तो क्या देखें?
त्रिपुष्कर योग 31 अक्टूबर की शाम 4:57 बजे से 1 नवंबर की सुबह 5:39 बजे तक रहेगा. भद्रा भी शाम 4:57 बजे शुरू होगी, लेकिन इसका समापन पहले, 1 नवंबर की सुबह 3:51 बजे हो जाएगा.
इसका अर्थ है कि त्रिपुष्कर योग का अधिकांश समय भद्रा के साथ बीतेगा. जो लोग किसी नए शुभ कार्य में भद्रा का विचार करते हैं, उनके लिए यह अंतर उपयोगी है. केवल त्रिपुष्कर योग होने के आधार पर पूरी शाम को खरीदारी, गृह प्रवेश या किसी संस्कार का तय मुहूर्त बताना सही नहीं होगा.
भद्रा समाप्त होने के बाद भी सुबह 5:39 बजे तक त्रिपुष्कर योग रहेगा. हालांकि, किसी विशेष आयोजन के लिए उसके अपने मुहूर्त के नियम देखे जाते हैं. शुभ योग का अर्थ निश्चित लाभ या धन तीन गुना होने की गारंटी भी नहीं है.
आज शुभ समय कौन सा है?
मुहूर्त या योग समय
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:49-5:41 बजे
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:42-दोपहर 12:27 बजे
विजय मुहूर्त: दोपहर 1:55-2:40 बजे
गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:37-6:03 बजे
रवि योग: सुबह 7:12-1 नवंबर सुबह 5:39 बजे
निशिता मुहूर्त: रात 11:39-1 नवंबर मध्यरात्रि 12:31 बजे
अमृत काल: 1 नवंबर सुबह 3:24-4:54 बजे
आज अभिजीत मुहूर्त राहुकाल, यमगण्ड, गुलिक और दोनों दुष्टमुहूर्त से बाहर है. वहीं, विजय मुहूर्त का पूरा समय यमगण्ड में पड़ेगा. शाम को गोधूलि के दौरान भद्रा रहेगी.
राहुकाल कब है?
राहुकाल- सुबह 9:18-10:41 बजे
गुलिक काल- सुबह 6:32-7:55 बजे
यमगण्ड- दोपहर 1:28-2:51 बजे
दुष्टमुहूर्त- सुबह 6:32-7:16 बजे
दूसरा दुष्टमुहूर्त- सुबह 7:16-8:01 बजे
वर्ज्य- शाम 6:25-7:55 बजे
सुबह के दोनों दुष्टमुहूर्त लगातार हैं, इसलिए इनका संयुक्त समय सुबह 6:32 से 8:01 बजे तक होगा. शाम को वर्ज्य शुरू होने से पहले ही भद्रा लग चुकी होगी. ये परंपरागत मुहूर्त संबंधी समय हैं; इन्हें सामान्य दिनचर्या की पूरी मनाही न समझें.
गुरु कब राशि बदलेंगे?
गुरु का सिंह राशि में प्रवेश दोपहर 12:50 बजे होगा. यह ग्रह गोचर का समय है, किसी पूजा की अंतिम समयसीमा नहीं. इसके फल की व्याख्या ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर की जाती है. चंद्रमा का परिवर्तन इससे अलग 31 अक्टूबर की रात समाप्त होने पर 1 नवंबर को ठीक 12 बजे होगा.
आज के करण और व्रत-पर्व
वणिज करण शाम 4:57 बजे तक रहेगा. फिर विष्टि करण, यानी भद्रा, 1 नवंबर की सुबह 3:51 बजे तक रहेगा. इसके बाद बव करण आएगा. अहोई अष्टमी आज नहीं, रविवार 1 नवंबर को है. अष्टमी तिथि भी 1 नवंबर को दोपहर 2:51 बजे शुरू होगी.
आज की 3 जरूरी बातें
– शाम 4:57 बजे त्रिपुष्कर योग और भद्रा साथ शुरू होंगे.
– गुरु दोपहर 12:50 बजे सिंह राशि में प्रवेश करेंगे.
– अभिजीत राहुकाल से बाहर है, जबकि विजय मुहूर्त यमगण्ड में पड़ेगा.
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