बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को देशभर से बुलाए गए चुनिंदा 45 युवा नेताओं के साथ युवाओं के मुद्दे पर चर्चा की. बैठक में देश के युवाओं के साथ संवाद और भागीदारी को लेकर सारे प्रतिभागियों से राय मांगी गई और सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने राय और सुझाव दिए.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कुछ प्रतिभागियों ने कहा कि सभी युवाओं को एक ही श्रेणी में रखना ठीक नहीं है. साथ ही जेन-जी शब्द की जगह युवा और खास आयु वर्ग विशेष के लिए युवा शब्द के इस्तेमाल पर जोर दिया गया.
‘सभी युवाओं को एक श्रेणी में रखना ठीक नहीं’
बैठक में शामिल कुछ प्रतिभागियों का यह भी कहना था कि देश के युवाओं को एक श्रेणी में नहीं रखा जाना चाहिए बल्कि उनके बीच अलग अलग ग्रुप के युवा हो सकते हैं. सभी तरह के युवाओं के साथ अलग अलग ढंग से डील और संवाद पर जोर दिया गया. बैठक में शामिल एक केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि यह बस समय की बात है धीरे-धीरे सब ठीक हो जाता है.
‘युवाओं से संवाद बढ़ाना जरूरी’
सूत्रों के मुताबिक एक प्रतिभागी ने देश के युवाओं के साथ संवाद बढ़ाने की बात कही और उन्होंने साफ किया कि हम जब भी उनके बीच जाएं तो केवल अपनी बात कह कर वहां से नहीं निकले बल्कि युवाओं की बातों को भी सुनना चाहिए और उनकी भागीदारी भी बढ़ानी चाहिए. बैठक में शामिल एक प्रतिभागी ने कहा कि युवाओं से संवाद आवश्यक है लेकिन युवाओं से संवाद बढ़ाते वक्त हमें ये ध्यान देना चाहिए कि तुलनात्मक रूप से उम्र में बड़े पार्टी के पुराने समर्थक नाराज ना हो जाएं या वो उपेक्षित महसूस ना करें इसका भी ख्याल रखना चाहिए.
एक प्रतिभागी ने सुझाव दिया कि युवाओं से संवाद बढ़ाना सही कदम है लेकिन पार्टी के कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार करना भी उतना ही आवश्यक है. पार्टी के कैडर और कार्यकर्ताओं का विश्वास नेतृत्व में और बढ़े इसकी कोशिश भी होनी चाहिए़. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आज की बैठक में शामिल सभी नेताओं के साथ आगे भी बैठक की जाएगी.
सभी प्रतिभागियों से अपेक्षा की गई है कि अगले सात आठ दिनों में अपने-अपने सुझाव अपने टीम लीडर को भेजेंगे. इन 45 नेताओं से मिले सुझाव को एकत्रित कर उनको पार्टी के कार्यक्रमों में अमल में लाया जाएगा.
ये भी पढ़ें
नेपाल बाढ़ त्रासदी पर बोले कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद, ‘भारत के लोग…’
