वंदे मातरम् को लेकर उपजे विवाद के बीच बुधवार (19 अगस्त) को कांग्रेस की वर्किंग कमिटी (CWC) की बैठक में दो छंद गाए जाने को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया है. बैठक में शिक्षा, छात्रों की समस्या, राम मंदिर चंदा चोरी, चीनी घुसपैठ जैसे तमाम मुद्दों पर भी चर्चा की गई है. इससे पहले केंद्र सरकार मॉनसून सत्र में वंदे मातरम् को लेकर कानून लाई थी, जिसमें 6 छंद को गाना अनिवार्य किया गया है. अगर ऐसा नहीं किया जाता है, तो कानूनी सजा का प्रावधान है.
पूरे विवाद को हवा तब मिली थी, जब दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय पर 15 अगस्त को कथित रूप से सोनिया गांधी की तरफ से वंदे मातरम् को रोकने को लेकर मामला गहरा गया था, जिसपर कांग्रेस ने तर्क दिया था कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी की व्यवस्था करने को कहा गया था, क्योंकि वह बहुत देर से खड़े थे. आजादी के पहले से वंदे मातरम् के दो छंद ही गाए जाते रहे हैं. इससे पहले वंदे मातरम् के गाने को लेकर विवाद कांग्रेस की गोवा बैठक में भी सामने आया था.
राहुल गांधी बोले- हमारी पार्टी में एकता बड़ी शक्ति है
बैठक के दौरान कांग्रेस नेता और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘मोदी और अमित शाह फिनिश हो चुके हैं. हमारी पार्टी में एकता बड़ी शक्ति है. ममता बनर्जी की पार्टी को देखिए कैसे बिखर गई. हमारी एकता हमारी विचारधारा, हमारी ताकत है. शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए. ढांचे को मजबूत कीजिए. छात्रों के साथ अहित नहीं होना चाहिए. देश का युवा हमारी ताकत है हमारी शक्ति है. छात्रों का मुद्दा पूरे देश भर में उठाया जाएगा. छात्रों की लड़ाई हर मोर्चे पर हर जगह लड़ी जाएगी.’
केसी वेणुगोपाल ने कहा- बैठक में 3 से 4 मुद्दों पर चर्चा हुई है
बैठक से जुड़ी जानकारी देते हुए केसी वेणुगोपाल ने कहा, 3 से 4 मुद्दों पर गहन चर्चा हुई है. पहला एग्जामिनेशन का मुद्दा था, इसमें पेपर लीक का, छात्रों ने जो प्रदर्शन किया और भारत सरकार ने जिस तरह से प्रदर्शन को डील किया. CWC ने कहा कि संसद का सत्र विपक्ष के लिए सफल था और सरकार बैकफुट पर थी. राहुल गांधी का इनिशिएटिव छात्रों की गूंज और सर्जिकल स्ट्राइक PM के आवास पर ने बहुत इम्पैक्ट किया. 800 शहरों में छात्रों की गूंज होगा, जिसमें कुछ में राहुल गांधी शामिल रहे.
उन्होंने कहा, ‘दूसरा चंदा चोरी का मुद्दा था. सबको पता है कि चंदा चोरी सिर्फ राम मंदिर का ही मुद्दा नहीं है बल्कि अब ये आम लोगों की विश्वास से जुड़ा मुद्दा है. इन्होंने राम मंदिर का इस्तेमाल पोलराइज करने के लिए किया. हम इसे पूरे देश में ग्रास रूट पर ले जाएंगे.’
वेणुगोपाल ने कहा, ‘तीसरा मुद्दा चीन की घुसपैठ का है. अरुणाचल प्रदेश में. पहले इन्होंने अमेरिका को सरेंडर किया. अब चीन को सरेंडर कर दिया है. परिसीमन पर हमारी मांग है कि 543 सीट को फ्रिज किया जाए. केरलम के लोगों का CWC ने धन्यवाद किया. तमिलनाडु में भी पार्टी ने गठबंधन करके BJP और उसकी सहयोगी पार्टियों को हराया. हम संगठन सृजन अभियान कर रहें हैं, 74% ब्लॉक लेवल कमेट बनाई जा चुकी है. बूथ लेवल से स्टेट लेवल पर संगठन सृजन अभियान 15 अक्टूबर तक खत्म करेंगे.’
वेणुगोपाल ने कहा, ‘बीजेपी ने हल्द्वानी में जो किया कांग्रेस अध्यक्ष की सभा के बाद वो माफ करने लायक नहीं है. क्या इतने बड़े नेता ये डिजर्व करता है. हर दिन वो ये कर रहें हैं. खड़गे जी जाति विशेष नेता नहीं है. वो अध्यक्ष हैं. मास लीडर हैं. ये RSS की ऊंची जाति की मानसिकता (Upper Caste Mindset) है. हम PM से डायरेक्ट माफी की मांग करते हैं. पीएम ने भी खड़गे जी की बहुत बार बेइज्जती की है और अब उनके कार्यकर्ता उनको फॉलो कर रहें हैं.’
वंदे मातरम को लेकर हमारा स्टैंड पहले से क्लियर है: जयराम रमेश
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है, ‘राहुल जी ने हमारे CM को कहा है कि शिक्षा प्रणाली में क्या सुधार की जरूरत है, उसकी एक रिपोर्ट एक महीने में कांग्रेस अध्यक्ष को पेश करेंगे. राम मंदिर बोर्ड का गठन PM ने खुद किया था और अब उन्हें इसपर अपनी चुप्पी तोड़ना चाहिए. अब ये एक राज्य का विषय नहीं है. हम पूरे देश में एक अभियान चलाएंगे. PM ने चीन को जो क्लीन चिट दिया था, उसकी वजह से हम कमजोर हुए हैं. अलग अलग तरीकों से चीन का आक्रमण हो रहा है.’
उन्होंने कहा, ‘हल्द्वानी में जो शुद्धिकरण किया गया, इसमें BJP और RSS की संस्थाएं जुड़ी थी. इसमें BJP पूरी तरह से शामिल है. इसमें PM को माफी मांगनी चाहिए. ये एक घोर पाप है. अगले 25 साल तक 543 लोकसभा की सीटें फ्रीज किया जाए और महिला आरक्षण इसी पर लागू हो.’
इसके अलावा जयराम रमेश ने वंदे मातरम को लेकर कहा, ‘वंदे मातरम को लेकर कोई कन्फ्यूजन नहीं है. अध्यक्ष ने खुद कहा है कि हमारा स्टैंड क्लियर है.1937 का रिजोल्यूशन जिसमें गांधी जी नेहरू जी, पटेल जी ने फैसला किया, हम उसी फैसले के साथ खड़े हैं. पहले दो छंद के साथ हैं. ये कांग्रेस के लिए इमोशनल मुद्दा है और बीजेपी के लिए राजनीतिक मुद्दा है.
