अमेरिकी सिंगर और एक्ट्रेस मैरी मिलबेन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विवादित बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें ट्रंप ने रेडियो होस्ट माइकल सैवेज के एक कार्यक्रम से जुड़े सिटिज़नशिप के मुद्दे पर भारत और चीन को हेलहोल (नरक) कहा था. इस बीच मैरी मिलबेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए भारत का समर्थन किया है. उन्होंने इंडियन अमेरिकन और एशियन अमेरिकन समुदाय की अहम भूमिका को बताया. उन्होंने कहा कि ये लोग अमेरिका की ताकत का एक जरूरी हिस्सा हैं.
मिलबेन ने एक्स पोस्ट में भारत और चीन के बारे में कही गई नकारात्मक बातों का विरोध किया. उन्होंने कहा कि ये दोनों देश सांस्कृतिक रूप से बहुत समृद्ध हैं और दुनिया में इनकी बड़ी अहमियत है. उन्होंने लिखा कि उन्होंने खुद भारत और चीन में परफॉर्म किया है और इन दोनों संस्कृतियों से उन्हें बहुत लगाव है. उन्होंने अपने संदेश में इंडियन अमेरिकन और एशियन अमेरिकन लोगों से कहा कि वे अमेरिका को बेहतर बनाने में अहम योगदान देते हैं. उन्होंने साफ कहा कि ये देश नरक नहीं हैं, बल्कि ऐसी ज़मीन हैं जो दुनिया को आगे बढ़ाती है
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ईरान के कॉन्सुलेट ने पोस्ट किया वीडियो
इस विवाद के बीच मुंबई में ईरान के कॉन्सुलेट जनरल ने भी एक वीडियो शेयर किया, जिसमें महाराष्ट्र की संस्कृति और सुंदरता को दिखाया गया. इस वीडियो में मुंबई की व्यस्त जिंदगी, गणेश चतुर्थी का उत्सव, सतारा के शांत इलाके और खानदेश की तापी नदी घाटी को दिखाया गया. वीडियो के साथ मजाकिया अंदाज में लिखा गया कि यह ट्रंप के लिए एक कल्चरल डिटॉक्स हो सकता है. यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ट्रंप ने माइकल सैवेज के एक पॉडकास्ट का वीडियो और उसका ट्रांसक्रिप्ट दोबारा शेयर किया. उस शो में सैवेज ने बर्थराइट सिटिज़नशिप कानून की आलोचना करते हुए कहा था कि लोग अपने बच्चों को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के लिए अमेरिका आते हैं और इसी दौरान उन्होंने भारत, चीन और कुछ अन्य देशों के लिए आपत्तिजनक शब्द इस्तेमाल किए.
भारत सरकार ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा कि ट्रंप भारत को एक महान देश मानते हैं और यहां के नेतृत्व को अपना अच्छा दोस्त बताते हैं. भारत सरकार ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी. विदेश मंत्रालय ने इन टिप्पणियों की आलोचना करते हुए कहा कि यह बयान बिना जानकारी के गलत और खराब सोच को दिखाने वाला है. मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस तरह की बातें भारत और अमेरिका के रिश्तों की असली स्थिति को नहीं दिखातीं, जो आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित हैं.
