चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस का चुनाव चिन्ह और नाम फ्रीज कर दिया है, उसके इस एक फैसले ने इंडिया गठबंधन को एकजुट कर दिया है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार (18 सितंबर) को कहा कि यह लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी की नहीं है, बल्कि यह हर उस पार्टी और वोटर की है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं. इलेक्शन कमीशन के फैसले के तुरंत बाद कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने भी प्रतिक्रिया दी. वहीं समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी तंज कसा है. शिवसेना ने भी ममता का साथ दिया है.
दरअसल लोकसभा चुनाव के बाद से ही इंडिया गठबंधन अलग-थलग दिख रहा था, लेकिन इलेक्शन कमीशन के इस फैसले ने गठबंधन को फिर से करीब ला दिया है. राहुल के साथ-साथ अन्य विपक्षी नेता भी ममता बनर्जी के साथ आते दिख रहे हैं.
राहुल गांधी ने दावा करते हुए कहा कि वोट चोरी, सरकार चोरी, अब पार्टी चोरी, ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं. उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘यह लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी की नहीं है. यह हर राजनीतिक दल, हर मतदाता की लड़ाई है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है. पहले शिवसेना, फिर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और अब तृणमूल कांग्रेस. हर बार एक ही पैटर्न, भाजपा और निर्वाचन आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं. फिर उसका चुनाव चिह्न छीन लिया जाता है.’
पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस।
हर बार एक ही पैटर्न – BJP और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है।
जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं।
वोट चोरी। सरकार चोरी।…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 18, 2026
वेणुगोपाल ने इलेक्शन कमीशन पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि बीजेपी ने असंवैधानिक रूप से AITC के नाम और चुनाव चिह्न पर कब्जा कर लिया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘यह मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की ओर से मोदी जी को देर रात दिया गया जन्मदिन का तोहफा है. चुनाव आयोग ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह बीजेपी के हाथों की कठपुतली के अलावा और कुछ नहीं है.’
ममता की पार्टी है टीएमसी – संजय राउत
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा, ‘इस पार्टी को ममता बनर्जी ने अपनी कड़ी मेहनत और संघर्ष के साथ बनाया था. तृणमूल कांग्रेस का राज्य और देश की राजनीति में अहम योगदान रहा है. जिस तरह शिवसेना बाला साहेब ठाकरे की पार्टी रही है, वैसे ही तृणमूल कांग्रेस ममता बनर्जी की पार्टी है.’
अखिलेश ने क्या कहा
सपा नेता अखिलेश यादव ने भी टीएमसी के मामले पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ‘चुनाव आयोग लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने के लिए फैसले ले तो उसके मान-सम्मान में वृद्धि होगी. और कुछ नहीं कहना है, बस इतना पूछना है कि हमारे द्वारा इलेक्शन कमीशन में जमा किये गये एफिडेविट मिले क्या?’
टीएमसी को लेकर क्या बोले दिलीप घोष
बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने TMC के नाम और चुनाव चिह्न पर कहा, ‘TMC आपस में लड़ाई करके खत्म हो रही है. जनता ने उन्हें नकार दिया है. उनके सांसद किसी दूसरे दल में है और ममता बनर्जी अकेली हैं. उनके हाथ में कोई दस्तावेज नहीं है और निर्णय चुनाव आयोग लेगा.’
क्या है पूरा मामला
तृणमूल कांग्रेस के दो धड़ों के नए नाम और चुनाव चिह्न शुक्रवार को सामने आ सकते हैं. चुनाव आयोग ने फिलहाल पार्टी के मौजूदा नाम और चिह्न को फ्रीज कर दिया है. एक गुट पूर्व सीएम ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व वाला ‘मूल लेकिन अल्पमत’ वाला गुट है, जबकि दूसरा पार्टी से निकाले गए विधायक रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला ‘बागी लेकिन बहुमत’ वाला गुट है.
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