Guru Purnima Vastu Upay: वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह (गुरु) को सुख, समृद्धि, ज्ञान, वैवाहिक जीवन और भाग्य का कारक माना जाता है. व्यक्ति की कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर हो, तो कार्यों में रुकावटें, धन हानि, शिक्षा में बाधा और वैवाहिक जीवन में तनाव का सामना करना पड़ता है.
ज्योतिष एवं वास्तु विशेषज्ञ ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार, गुरु ग्रह की शुभता प्राप्त करने के लिए गुरु पूर्णिमा का दिन सबसे उत्तम माना गया है. यदि आपकी कुंडली में गुरु दोष है, तो इस विशेष दिन घर की उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में एक आसान वास्तु उपाय करके आप बृहस्पति देव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं.
गुरु ग्रह कमजोर होने के संकेत
ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा बताते हैं कि जब कुंडली में बृहस्पति देव की स्थिति प्रतिकूल होती है, तो जीवन में कुछ स्पष्ट लक्षण दिखाई देने लगते हैं:
- शिक्षा व करियर में बाधा: पढ़ाई में मन न लगना या बार-बार प्रयास के बाद भी सफलता न मिलना.
- वैवाहिक जीवन में तनाव: विवाह में विलंब होना या दांपत्य जीवन में कड़वाहट आना.
- आर्थिक तंगी: संचित धन का अचानक खर्च होना और आय के नए स्रोत न बनना.
- स्वास्थ्य समस्याएं: पेट, लिवर या मोटापे से संबंधित परेशानियां होना.
गुरु पूर्णिमा पर ईशान कोण में करें यह विशेष वास्तु उपाय
वास्तु शास्त्र में घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को देवताओं का स्थान माना गया है. इस दिशा के स्वामी स्वयं बृहस्पति देव हैं. गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर ईशान कोण में किया गया उपाय अत्यंत फलदायी होता है.
ईशान कोण की सफाई: गुरु पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान के बाद घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) को अच्छी तरह साफ करें.
हल्दी व गंगाजल का छिड़काव: इस कोने में थोड़ा सा गंगाजल और हल्दी मिलाकर छिड़कें. हल्दी गुरु ग्रह का मुख्य प्रतीक है.
पीले कपड़े पर दीपक: वहां एक पीला कपड़ा बिछाएं और उस पर एक चुटकी अक्षत (चावल) रखकर घी का दीपक जलाएं.
गुरु मंत्र का जाप: दीपक जलाकर गुरु ग्रह के बीज मंत्र ॐ बृं बृहस्पतये नमः का 108 बार जाप करें.
उपाय, गुरु ग्रह की मजबूती के लिए
ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार, ईशान कोण के उपाय के साथ-साथ आप गुरु पूर्णिमा पर निम्नलिखित कार्य भी कर सकते हैं:
- पीली वस्तुओं का दान: चना दाल, हल्दी, पीले वस्त्र, केला या केसर का दान जरूरतमंदों को करें.
- केले के पौधे का पूजन: घर के आंगन या ईशान कोण में रखे केले के पौधे में जल अर्पित करें और चने की दाल व गुड़ चढ़ाएं.
- माथे पर केसर/हल्दी का तिलक: प्रतिदिन या प्रत्येक बृहस्पतिवार और पूर्णिमा के दिन माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं.
कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति मजबूत होने से जीवन में ज्ञान, सम्मान और धन की कभी कमी नहीं होती. गुरु पूर्णिमा का दिन आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण होता है. ऐसे में वास्तु और ज्योतिष के इन सरल नियमों का पालन करके आप अपने जीवन से गुरु दोष के प्रभाव को समाप्त कर सकते हैं.
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