एक दिन राजा शांतनु शिकार के लिए वन में गए. वहाँ उन्होंने एक बालक और एक बालिका को देखा. दोनों के पास धनुष-बाण रखे थे और उनके शरीर से तेज झलक रहा था. यह अद्भुत दृश्य देखकर राजा आश्चर्यचकित रह गए और उन बच्चों को अपने साथ हस्तिनापुर ले आए.

राजा शांतनु ने दोनों बच्चों का राजमहल में पुत्र-पुत्री के समान पालन-पोषण कराया. उन्हें उत्तम शिक्षा, सुरक्षा और सभी सुविधाएँ प्रदान की गईं. समय के साथ दोनों बड़े होने लगे. उनकी बुद्धिमत्ता और तेजस्विता देखकर राजपरिवार तथा दरबार के लोग भी प्रभावित होने लगे.
Published at : 02 Jun 2026 07:32 AM (IST)
