पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर (PoJK) में पिछले 49 दिनों से जारी भारी विरोध प्रदर्शन के बीच आयोजित होने वाले विधायी चुनावों को लेकर भारत ने मंगलवार (28 जुलाई, 2026) को अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह तथाकथित चुनावी प्रक्रिया महज एक दिखावटी ढकोसला है, जिसका मकसद पाकिस्तान के अवैध कब्जे पर पर्दा डालना और इलाके में उसकी तरफ से किए जा रहे मानवाधिकारों के उल्लंघनों को छिपाना है.
विदेश मंत्रालय ने PoJK में चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर क्या कहा?
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार (28 जुलाई, 2026) को इस मुद्दे को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर (PoJK) में कराए जा रहे तथाकथित चुनावों से जुड़ी खबरों को हमने देखा है. इस मुद्दे पर भारत का रुख पूरी तरह से स्पष्ट, सुसंगत और पहले से ही सभी की जानकारी में है कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख का पूरा केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है. इसमें वो इलाके भी शामिल हैं, जो इस वक्त पाकिस्तान के अवैध और जबरन कब्जे में है.’
PoJK में व्यापक विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान के अत्याचारों का नतीजा- जायसवाल
उन्होंने कहा, ‘यह तथाकथित चुनावी प्रक्रिया महज एक दिखावटी ढकोंसला है, जिसका मकसद पाकिस्तान के अवैध कब्जे पर पर्दा डालना और इलाके में उसके गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों को छिपाना है.’
रणधीर जायसवाल ने आगे कहा, ‘पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर (PoJK) में इस वक्त वहां के लोगों की तरफ से जो लगातार व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी है, वो पाकिस्तान की तरफ से वहां के लोगों के आर्थिक शोषण, उनके मौलिक अधिकारों से उन्हें वंचित रखे जाने के साथ-साथ प्रशासनिक अत्याचारों का स्पष्ट नतीजा है.’
#WATCH | Delhi: On the elections in Pakistan-occupied Jammu and Kashmir (PoJK), MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, “We have seen reports regarding the so-called legislative assembly elections being conducted in the Pakistan-occupied Jammu and Kashmir… The entire union… pic.twitter.com/hxHm0fckz3
— ANI (@ANI) July 28, 2026
48 दिनों से PoJK में पाकिस्तानी हुकूमत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर (PoJK) में पिछले 48 दिनों से प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तानी हुकूमत और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के नेतृत्व वाली पाकिस्तानी सेना की तरफ से जनता पर की जाने वाली ज्यादती और अत्याचारों को लेकर लोगों में काफी ज्यादा गुस्सा है.
इसके खिलाफ, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में पूरे पीओजेके से लाखों की संख्या में लोगों ने इकट्ठा होकर पाकिस्तानी हुकूमत और सेना के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं. इस संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स ने पीओजेके के प्रदर्शनकारी लोगों पर कई दफा गोलीबारी की कार्रवाई की है, जिसमें अब तक 55 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और अब तक सैंकड़ों की संख्या में लोग घायल हुए हैं.
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