मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऊना में आयोजित एंटी-चिट्टा जन जागरूकता वॉकथॉन की अगुवाई की और प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं से नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया. वॉकथॉन इंदिरा स्टेडियम से शुरू होकर न्यू बस अड्डे और वापस इंदिरा स्टेडियम पहुंचकर संपन्न हुई.
इस वॉकथॉन में जिले भर से विद्यार्थियों और आम लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. वॉकथॉन से पहले मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को एंटी चिट्टा शपथ दिलाई. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ पूरी सख्ती से लड़ाई लड़ रही है, लेकिन इस लड़ाई को सफल बनाने के लिए समाज के हर वर्ग का सहयोग आवश्यक है.
हिमाचल में सेब उत्पादन पर मौसम की मार, मंडियों में 44% कम पहुंची फसल
उन्होंने कहा कि जो लोग हमारे बच्चों को चिट्टा बेचकर पैसा कमा रहे हैं, युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर अपने घर भर रहे हैं, उन्हें ऊना की धरती से साफ कहना चाहता हूं कि हिमाचल में चिट्टा बेचने वाले कारोबारियों के लिए कोई जगह नहीं है. सीएम सुक्खू ने आगे कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है. चिट्टा बेचने वालों और नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
नशे की गिरफ्त में आ चुके युवाओं को मिलेगी मदद
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा, “जो युवा नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं, उनके साथ संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करते हुए उन्हें इससे बाहर निकालने में हर संभव सहायता दी जाएगी.” उन्होंने कहा कि नशा बेचने वाले और नशे में फंसे व्यक्ति को एक नजर से नहीं देखा जा सकता.
उन्होंने हिमाचल के युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने किसी भी साथी को चिट्टा के रास्ते पर न जाने दें. दोस्त अपने साथी के सबसे करीब होता है और उसके व्यवहार में आने वाले बदलाव को सबसे पहले पहचान सकता है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी छोटी-सी सतर्कता किसी मां के बेटे को बचा सकती है. किसी पिता की बेटी को बचा सकती है और किसी परिवार को टूटने से बचा सकती है. उन्होंने कहा कि सच्चा दोस्त वही है जो नशे की ओर ले जाने के बजाय अपने साथी का हाथ पकड़कर उसे गलत रास्ते पर जाने से रोके.
पुलिस अपना काम कर रही है- सीएम सुक्खू
सीएम सुक्खू ने आगे बताया कि पुलिस कानून के अनुसार अपना काम कर रही है. चिट्टे के नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन केवल पुलिस के सहारे नशे के खिलाफ यह लड़ाई नहीं जीती जा सकती. पुलिस तस्कर को पकड़ सकती है और सरकार कानून बना सकती है, लेकिन किसी बच्चे को पहली बार नशा करने से परिवार, दोस्त, शिक्षक और समाज ही रोक सकते हैं.
उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ लड़ाई को जन आंदोलन बनाया है. सीएम सुक्खू ने यह भी कहा कि इस लड़ाई में मुझे पुलिस के साथ हर मां, हर पिता, हर शिक्षक, हर पंचायत, हर महिला मंडल, हर युवा मंडल और सबसे ज्यादातर हिमाचल के नौजवानों का साथ चाहिए. मैं आज यह जिम्मेदारी प्रदेश के युवाओं को सौंप रहा हूं.
उन्होंने युवाओं से इस अभियान का सिपाही बनने का आह्वान करते हुए कहा कि जहां चिट्टा बिकता दिखाई दे, वहां चुप न रहें और विश्वसनीय जानकारी टोल-फ्री नंबर 112 पर दें. प्रदेश सरकार ने विश्वसनीय सूचनाएं उपलब्ध करवाने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार की व्यवस्था भी की है.
‘राज्य को चिट्टे के सामने झुकने नहीं दिया जाएगा’
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प स्पष्ट है कि हिमाचल को चिट्टे के सामने झुकने नहीं दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि लगभग नौ महीने पहले इसी संकल्प के साथ एंटी चिट्टा अभियान शुरू किया गया था.
15 नवंबर 2025 को शिमला में हजारों लोग सड़कों पर उतरे, 1 दिसंबर को धर्मशाला ने आवाज बुलंद की, 16 दिसंबर को हमीरपुर के युवाओं ने अभियान को नई ऊर्जा दी और 26 दिसंबर को बिलासपुर में हजारों लोगों ने कदम से कदम मिलाकर यह संदेश दिया कि चिट्टे के खिलाफ लड़ाई में पूरा हिमाचल एकजुट है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज करीब नौ महीने बाद ऊना में उसी संकल्प के साथ लोग एकत्रित हुए हैं. आज हम यहां केवल वॉकथॉन में चलने के लिए इकट्ठा नहीं हुए, हम अपने बच्चों और परिवारों के लिए चल रहे हैं. अपने हिमाचल के भविष्य के लिए चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज हिमाचल का युवा और हिमाचल का समाज जाग रहा है. जब समाज जाग जाता है तो कोई भी नशा, कोई भी माफिया और कोई भी बुराई उसके सामने टिक नहीं सकती.
सीएम ने युवाओं के उत्साह को सराहा
सीएम सुक्खू ने कहा कि 35 से 40 डिग्री तापमान के बावजूद वॉकथॉन में शामिल होने के लिए विद्यार्थी दूर-दूर से पहुंचे और उनका उत्साह सराहनीय रहा. उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विधायक राकेश कालिया, सुदर्शन बबलू, विवेक शर्मा तथा सभी अधिकारियों का आभार व्यक्त किया.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 17 सितंबर को ऊना जिले के सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों में अवकाश की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने 3.87 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बहुमंजिला खंड विकास कार्यालय भवन ऊना का लोकार्पण किया तथा संतोषगढ़ सड़क पर 9.55 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रामपुर पुल का शिलान्यास किया.
शिमला में अस्पताल शिफ्टिंग पर बवाल, महिलाओं ने निकाला मार्च
