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UPI पेमेंट चार्ज: व्यापारी संगठन ने PM को लिखी चिट्ठी, ‘संभव हो तो…’


देश में UPI के जरिए भुगतान का चलन लगातार बढ़ा है. छोटी दुकान से लेकर बड़े कारोबार तक, लोग सामान और सेवाओं का भुगतान UPI से कर रहे हैं. ऐसे में ₹2000 से ज्यादा के व्यापारिक UPI भुगतान पर 0.4% MDR लगाए जाने की बात ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है. MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क है जो डिजिटल भुगतान के लेन-देन पर व्यापारी से लिया जाता है. इसी को लेकर सदर बाजार के व्यापारियों ने सरकार से इस व्यवस्था पर दोबारा विचार करने की अपील की है.

सदर बाजार के व्यापारियों ने PM मोदी को लिखा पत्र

फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेड्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री को पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने ₹2,000 से ज्यादा के UPI व्यापारिक लेन-देन पर 0.4% MDR व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है. व्यापारी संगठन ने कहा है कि UPI ने पैसे का लेन-देन काफी आसान, तेज और पारदर्शी बना दिया है. आम लोगों की भुगतान की आदत भी बदली है और अब कई लोग नकद की जगह UPI से भुगतान करना ज्यादा सुविधाजनक और सुरक्षित मानते हैं.

जीरो MDR व्यवस्था जारी रखने की मांग

व्यापारी संगठन ने सरकार से मांग की है कि ₹2000 से ज्यादा के UPI व्यापारिक भुगतान पर 0.4% MDR लगाए जाने की बात पर दोबारा विचार किया जाए. संगठन ने संभव हो तो जीरो MDR व्यवस्था जारी रखने की मांग की है.

पत्र में कहा गया है कि अगर व्यापारियों पर कोई अतिरिक्त खर्च आता है तो इसका असर कारोबार के कुल खर्च पर पड़ सकता है. इससे व्यापारी के मुनाफे और सामान की कीमत पर भी असर पड़ सकता है. संगठन का कहना है कि भले ही यह खर्च सीधे ग्राहक से न लिया जाए, लेकिन व्यापारी की लागत बढ़ सकती है.

व्यापारियों ने UPI और GST का भी जिक्र किया

व्यापारी संगठन ने अपने पत्र में कहा है कि डिजिटल भुगतान बढ़ने से कारोबार में लेन-देन ज्यादा साफ और पारदर्शी हुआ है. संगठन का मानना है कि डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने से GST के आधार को मजबूत करने में भी मदद मिली है.

व्यापारियों ने कहा है कि जिस UPI व्यवस्था को करोड़ों लोगों और व्यापारियों ने अपनाया है, उसे आसान और कम खर्च वाला बनाए रखना चाहिए. इससे डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल और बढ़ सकता है.

‘डिजिटल भुगतान बढ़ेगा तो पारदर्शिता भी बढ़ेगी’

संगठन ने अपने पत्र में कहा है कि अगर डिजिटल भुगतान आसान रहेगा तो इसका इस्तेमाल बढ़ेगा. डिजिटल भुगतान बढ़ने से व्यापार में पारदर्शिता बढ़ेगी और इससे GST का आधार मजबूत होगा. संगठन के मुताबिक इसका फायदा देश की अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा.

सांसद प्रवीण खंडेलवाल को भी देंगे पत्र

व्यापारी संगठन ने कहा है कि वह जल्द ही सांसद प्रवीण खंडेलवाल को भी पत्र देगा. संगठन उनसे अनुरोध करेगा कि वह व्यापारियों की इस चिंता को भारत सरकार, प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के सामने रखें.

व्यापारी संगठन ने कहा है कि व्यापारी वर्ग ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के साथ खड़ा है. संगठन का कहना है कि मजबूत व्यापारी, आसान डिजिटल भुगतान, पारदर्शी अर्थव्यवस्था और मजबूत GST आधार देश की तरक्की में मदद करेंगे.

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