रांची में आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ सरकार की बातचीत शुरू हो गई है. आज (7 अगस्त) को आंदोलन का 14वां दिन है. छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को प्रशासन की टीम लेने आई. इस प्रतिनिधिमंडल 10 छात्र शामिल हैं. सरकार की तरफ से चार मंत्री वार्ता का हिस्सा है. छात्र और सरकार के बीच ये बातचीत रांची के गेस्ट हाउस में हो रही है. दरअसल छात्रों और सरकार के बीच जमी बर्फ पिघलने के संकेत आज शाम को ही मिलने लगे थे. आंदोलनकारी छात्र पहले कह रहे थे कि उनकी तरफ से 8 छात्र और 2 विशेषज्ञ बात करेंगे. जबकि सरकार कह रही थी कि वार्ता सिर्फ छात्रों से होगी. इसपर आज छात्रों ने फैसला किया कि उनकी तरफ से 10 छात्र ही बातचीत के लिए जाएंगे.
पहले छात्र कह रहे थे कि बातचीत की टेबल पर उनकी तरफ से कानूनी सलाहकार भी होंगे. लेकिन अंत में फैसला हुआ है कि कोई कानूनी सलाहकार या एक्सपर्ट नहीं जाएगा. सोरेन सरकार भी बातचीत की टेबल पर किसी एक्सपर्ट के आने पर सहमत नहीं थी. छात्रों ने भी नरमी के संकेत दिए. अब गेंद हेमंत सोरेन सरकार के पाले में है. लेकिन सरकार को ये समझना होगा कि अब ये मुद्दा सिर्फ पेपर लीक या परीक्षा धांधली का नहीं है. बात अब उस सरकार और सिस्टम की है जिसमें परीक्षाओं को नोट छापने की मशीनरी बना दिया गया है.
