पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर सोया चाप को लेकर तरह-तरह के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. इन वीडियो में दिखाया जा रहा है कि कैसे कुछ जगहों पर सोया चाप बनाने में घटिया क्वालिटी की सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है. इन वीडियो को देखने के बाद लोगों के मन में एक तरह का डर बैठ गया है, क्योंकि जिस चीज को वह मजे से खाते थे, अब उसकी असलियत को लेकर सवाल उठने लगे हैं. कई लोग अब सोया चाप खाने से पहले कई बार सोचने लगे हैं.

इन वायरल वीडियो में सबसे ज्यादा चर्चा मिलावट को लेकर हो रही है. कई वीडियो में देखा जा सकता है कि सोया चाप को ज्यादा आकर्षक और चमकदार दिखाने के लिए उसमें सिंथेटिक रंग मिलाया जाता है, तो कुछ जगहों पर घटिया क्वालिटी का मैदा और सस्ते प्रिजर्वेटिव इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है. इसके अलावा सड़क किनारे बिकने वाले सस्ते चाप को अक्सर ऐसे तेल में तला जाता है, जो बार-बार इस्तेमाल हो चुका होता है.

अब सवाल यह उठता है कि आखिर ज्यादा सोया चाप खाने से सेहत पर क्या असर पड़ता है. अगर सोया चाप शुद्ध सामग्री से और साफ-सफाई के साथ बनाया जाए, तो इसे कभी-कभार खाना नुकसानदायक नहीं है, क्योंकि सोयाबीन में प्रोटीन अच्छी मात्रा में पाया जाता है. लेकिन दिक्कत तब शुरू होती है जब इसे मिलावटी सामग्री से बनाया जाता है और बार-बार खाया जाता है. मिलावटी तरिके से बनाया गया और गंदे तेल में बार-बार तला हुआ चाप खाने से पेट से जुड़ी दिक्कतें जैसे एसिडिटी, गैस और पाचन तंत्र में गड़बड़ी हो सकती है.

लंबे समय तक ऐसा मिलावटी खाना खाने से शरीर के अंदरूनी अंगों पर भी बुरा असर पड़ सकता है. सिंथेटिक केमिकल्स को पचाना शरीर के लिए मुश्किल होता है, जिसकी वजह से लिवर पर दबाव बढ़ सकता है. इसके अलावा ज्यादा तेल-मसाले वाला चाप बार-बार खाने से वजन बढ़ने और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन वीडियो ने लोगों को अपनी सेहत को लेकर सतर्क कर दिया है और वह अब खाने की क्वालिटी को लेकर पहले से ज्यादा सवाल पूछने लगे हैं.

ऐसे में सबसे जरूरी बात यह है कि सोया चाप को हमेशा किसी भरोसेमंद और साफ-सुथरी जगह से ही खरीदा जाए. खुले और गंदे ठेलों से बार-बार खाना खाने से बचना चाहिए, और इसे बहुत ज्यादा मात्रा में खाने की आदत नहीं डालनी चाहिए. अगर हो सके तो घर पर बना हुआ शुद्ध सोया चाप खाना सबसे सुरक्षित और सेहतमंद विकल्प है.
Published at : 31 Jul 2026 10:26 AM (IST)
