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Tamil Nadu Election Results 2026: सिनेमा से सियासत के ‘जननायक’ तक! रजनीकांत और कमल हसन जो नहीं कर पाए, विजय ने कर दिखाया


तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार (4 मई, 2026) को काउंटिंग चल रही है. रुझानों को अगर देखें तो वे राज्य में एक बड़े राजनीतिक बदलाव की तरफ इशारा कर रहे हैं. जिस तमिलनाडु की सत्ता पर हमेशा से द्रविड मुनेत्र काषगम और अन्नाद्रुमक का कब्जा था, वहां आज  एक्टर से राजनेता बने जोसेफ विजय चंद्रशेखर की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) इतिहास रचने जा रही है. तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों में से 110 पर टीवीके आगे चल रही है.

रुझानों से विजय का वह नारा सच होता नजर आ रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था- विजय आएगा. तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करते समय कई बार उन्होंने यह नारा लगाया. अब सबके मन में यही सवाल है कि विजय ने कैसे वो कर दिखाया जो साउथ फिल्म इंडस्ट्री के रजनीकांत और कमल हसन जैसे सुपरस्टार नहीं कर सके. फैन फॉलोइंग तो इनकी भी बहुत तगड़ी है तो आखिर विजय ने ऐसा क्या किया, जिसकी वजह से वह सिर्फ अभिनेता ही नहीं राजनेता के तौर पर भी तमिलनाडु की जनता के दिलों में उतर गए.

विजय से पहले रजनीकांत और कमल हसन की बात कर लेते हैं कि आखिर क्यों भगवान की तरह पूजे जाने वाले इन एक्टर्स को चुनावों में लोगों का प्यार नहीं मिला. रजनीकांत ने साल 2017 में राजनीति में आने का ऐलान किया, लेकिन सालों तक उन्होंने इस तरफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया. फिर उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर कदम पीछे खींच लिए. वहीं, कमल हसन ने पूरी प्लानिंग के साथ राजनीति में कदम रखा. साल 2018 में अपनी पार्टी भी बनाई, जिसका नाम मक्कल नीधि मय्यम है.

कमल हसन जनता के बीच काफी एक्टिव भी नजर आए, लेकिन उनकी राजनीति और भाषण लोगों को उनकी तरफ उतना खींच नहीं पाए. उधर, उनके पास जमीनी स्तर पर काम करने के लिए कार्यकर्ताओं की भी कमी थी, जिस कारण वे कोई बड़ा चुनावी प्रभाव नहीं बना सके.

रजनीकांत और कमल हसन की इन गलतियों से विजय ने काफी कुछ सीखा और उन्होंने धीरे-धीरे जनता में राजनेता के तौर पर अपनी पकड़ बनाने के लिए काम किया. सालों तक एक मजबूत पिच तैयार की. विजय ने अपने फैन क्लब- विजय मक्कल इयक्कम के साथ उन्होंने बड़ी सूझबूझ के साथ काम किया. उनके क्लब के ये फैंस सालों से ब्लड डोनेशन, मुफ्त भोजन वितरण और आपदा राहत जैसे सामाजिक कार्यों में लगे हुए हैं. 

विजय ने युवाओं और छात्रों पर भी फोकस रखा. उन्होंने राज्य के बोर्ड एग्जाम टॉपर्स को सम्मानित करने के लिए बड़े स्तर पर कार्यक्रम शुरू किया, जहां उन्होंने भाषण में छात्रों से पैसे लेकर वोट न डालने की अपील की. इस तरह मिडिल क्लास में उनकी छवि अच्छी बनी और जो लोग उनकी एक्टिंग के फैन थे, उन्होंने राजनेता के तौर पर भी उन्हें स्वीकार किया. 

टीवीके के मेनिफेस्टो में भी युवाओं, महिलाओं और मछुआरों पर ध्यान केंद्रित किया गया है. पार्टी का मानना है कि ये तीन वर्ग चुनावों का रुख बदल सकते हैं. पार्टी ने पहली बार आठ तरह की मछली की किस्मों के लिए अपनी तरह के मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) का भी ऐलान किया, जिसके तहत मछली पकड़ने पर प्रतिबंध के दौरान 27 हजार रुपये की राहत राशि, सबसिडाइज्ड डीजल, बीमा कवरेज और आवास की सुविधा दी जाएगी. 

टीवीके ने 12वीं से लेकर हायर एजुकेशन जिसमें पीएचडी प्रोग्राम भी शामिल है, के लिए 25 लाख रुपये तक बिना गारंटी वाले एजुकेशन लोन का भी प्रस्ताव रखा.  महिलाओं के लिए भी कई ऐलान किए गए, जैसे सालाना छह फ्री एलपीजी सिलेंडर, मासिक वित्तीय सहायता में 1000 रुपये से 2500 रुपये तक की बढ़ोतरी और विवाह सहायता योजनाओं के तहत आठ ग्राम तक सोना उपलब्ध करवाना. ऐसा लगता है कि विजय तमिलनाडु की नब्ज को समझने में कामयाब रहे. 



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