बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने मार्च 2024 में आयोजित बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई-3) के प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच के सिलसिले में एक चिकित्सक को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने मंगलवार (28 जुलाई, 2026) को यह जानकारी दी.
आरोपी की पहचान जहानाबाद जिले के रहने वाले डॉ. मनीष कुमार के रूप में हुई है. ईओयू ने डॉक्टर को बीते रविवार को पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किया था. टीआरई-3 मामले की जांच में अब तक ईओयू 296 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.
संजीव मुखिया के बेटे से संबंध
ईओयू द्वारा जारी बयान के अनुसार, “जांच में पता चला है कि डॉ. मनीष कुमार का संबंध डॉ. शिव से था, जो संजीव कुमार सिंह उर्फ संजीव मुखिया का पुत्र है. संजीव मुखिया नीट (यूजी)-2024 प्रश्नपत्र लीक मामले का कथित मास्टरमाइंड है, जिसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है. वह कई अन्य मामलों में भी वांछित है. डॉ. मनीष कुमार टीआरई-3 परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने तथा धन लेकर अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित कराने की साजिश में शामिल था.”
यह भी पढ़ें- NEET आंदोलन के छात्रों को सरकारी नौकरी और पेंशन, किसने किया ऐलान?
बयान के अनुसार, डॉ. मनीष कुमार को प्रत्येक अभ्यर्थी के बदले 50 हजार रुपये देने का वादा किया गया था. आरोप है कि उन्होंने परीक्षा से दो-तीन दिन पहले, 15 मार्च 2024 को निर्धारित परीक्षा से पूर्व, करीब 30 अभ्यर्थियों को पटना से हजारीबाग के एक होटल में पहुंचाया, जहां उन्हें परीक्षा से पहले लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया.
मनीष ने की एनएमसीएच से पढ़ाई
ईओयू ने बताया कि डॉ. मनीष कुमार ने वर्ष 2021 में पटना स्थित नालंदा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (एनएमसीएच) से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी. उन्होंने कैमूर जिले में सरकारी चिकित्सक के रूप में भी सेवा दी थी, लेकिन बाद में सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया. वर्तमान में वह स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रम में प्रवेश की तैयारी कर रहे हैं.
बीपीएससी ने 15 मार्च 2024 को प्राथमिक शिक्षक और मध्य विद्यालय शिक्षक पदों के लिए टीआरई-3 परीक्षा ऑफलाइन माध्यम से आयोजित की थी.
यह भी पढ़ें- प्रशांत किशोर वापस लेंगे बांकीपुर से नामांकन? BJP को किया चैलेंज
