इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण के दौरान एक पेजर निकालकर दर्शकों से पूछा कि क्या उन्हें ये याद हैं. उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह को ये पेजर जरूर याद होंगे. नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल ने सात मोर्चों पर लड़ाई के दौरान हमास और हिजबुल्लाह को भारी नुकसान पहुंचाया. उनके पेजर दिखाने पर वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं.
वॉकआउट कर गए कई डिप्लोमेट्स
पीएम नेतन्याहू ने जैसे ही अपना भाषण शुरू किया उस समय कई देशों के डिप्लोमेट्स हॉल से बाहर निकल गए. कई सीटें खाली हो गईं. वॉकआउट करने वालों को नेतन्याहू ने मोरल कायर कहा. वो बोले, अगर कोई और कायर अभी भी हॉल में बचा है तो वो भी चला जाए. बाद में उन्होंने ईरान पर किए हमले को लेकर बातचीत की. उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करने उनके लिए पीएम के तौर पर सबसे आसान फैसलों में से एक था. इसके साथ ही उन्होंने पेजर हमले का जिक्र किया.
3000 लोग हुए थे घायल
नेतन्याहू का इशारा 2024 में लेबनान में हुए उस हमले की ओर था, जिसमें एक साथ बड़ी संख्या में पेजर फट गए थे. इस हमले में 9 लोगों की मौत हुई थी और करीब 3,000 लोग घायल हुए थे. नेतन्याहू ने इस ऑपरेशन को हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की बड़ी सैन्य कार्रवाई के तौर पर पेश किया.
बता दें ये हमला दो चरणों में हुआ था. पहले 17 सितंबर 2024 को बड़ी संख्या में अचानक पेजर फटने लगे. इसके अगले दिन हैंडहेल्ड वॉकी टॉकी में भी धमाके हुए. दूसरे चरण में भी मरने और घायलों की संख्या कई ज्यादा थी. इस हमले के बाद हिज्बुल्लाह के कम्यूनिकेशन नेटवर्क को बड़ा झटका लगा था.
सात मोर्चों पर जंग लड़ी
नेतन्याहू ने इजरायल की लड़ाई को सात मोर्चों की जंग बताया है. उन्होंने हमास, हिज्बुल्लाह, हूती, ईरान, इराक, सीरिया में मिलिशिया और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी लड़ाकों का जिक्र किया. उन्होंने ये भी दावा किया कि पिछले तीन सालों में इजरायल के सैनिकों ने सभी मोर्चों पर जंग लड़ी है.
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