Headlines

अंधेरी पुलिस ने रंगदारी गैंग का किया पर्दाफाश, 10 आरोपी गिरफ्तार


मुंबई के अंधेरी में फर्जी आयकर और क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर कारोबारी के ऑफिस में छापा मारने और कार्रवाई से बचाने के नाम पर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है. अंधेरी पुलिस ने इस मामले में कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर कथित रंगदारी गैंग का पर्दाफाश किया है.

डीसीपी दत्ता नलावड़े ने बताया की, आरोपियों ने एक कारोबारी के ऑफिस में जबरन प्रवेश किया और खुद को आयकर विभाग तथा क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया. आरोपियों ने फर्जी सरकारी पहचान पत्र दिखाकर कारोबारी राजकुमार कंडासमी और उनकी पत्नी को कथित तौर पर अपने कब्जे में ले लिया.

इसके साथ ही ऑफिस में मौजूद करीब 10 कर्मचारियों के मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए गए और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया गया. इसके बाद आरोपियों ने आयकर विभाग की कार्रवाई का डर दिखाया. मामले को रफा-दफा करने और कथित कानूनी कार्रवाई से बचाने के बदले कारोबारी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई.

आरोपी ने नौकरी से निकालने के विवाद के बाद रची साजिश

पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता राजकुमार कंडासमी की उम्र 49 साल है. आरोपी संतोष उदय खोपटकर पहले उनके यहां ड्राइवर के तौर पर काम करता था. दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद राजकुमार ने संतोष को नौकरी से निकाल दिया था. पुलिस के मुताबिक, संतोष को करीब छह महीने का वेतन भी नहीं मिला था. आरोप है कि इसी विवाद से नाराज संतोष ने राजकुमार के बारे में अपने पास मौजूद जानकारी का इस्तेमाल किया और अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी छापे की पूरी साजिश रची.

पुलिस के मुताबिक, संतोष और उसके साथी फर्जी आयकर और क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर राजकुमार के ऑफिस पहुंचे. उन्होंने सरकारी अधिकारियों के तौर पर अपनी पहचान बताई और फर्जी सरकारी पहचान पत्र भी दिखाए. आरोपियों ने कारोबारी और उनकी पत्नी को कथित तौर पर बंधक बना लिया. ऑफिस में मौजूद कर्मचारियों के मोबाइल फोन ले लिए गए और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया गया. इसके बाद एक करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की गई.

महाराष्ट्र: नांदेड़ में भीषण हादसा, ट्रक-वैन की टक्कर में 6 की मौत

तकनीकी जांच के बाद 10 आरोपी गिरफ्तार

शिकायत मिलने के बाद अंधेरी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों की पहचान की और कार्रवाई करते हुए कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों में संतोष उदय खोपटकर, विनय रमेश मोरे, प्रेम किसन सबनानी, प्रज्ञा हरीश माईन, रेश्मा शामराव वारंग, सबीना हाफीज शेख, जितु उर्फ जितेंद्र नामदेव मोरे और अशोक विठोबा शिंदे शामिल हैं.

आयकर विभाग के दो कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई

जांच के दौरान पुलिस को कथित साजिश में आयकर विभाग के दो कर्मचारियों की भूमिका की जानकारी मिली. पुलिस के मुताबिक, सुरेश महावीरप्रसाद मिश्रा, उम्र 57 साल, आयकर निरीक्षक हैं, जबकि सुनिल मनोहर गोरे, उम्र 59 साल, आयकर विभाग में कर सहायक के पद पर कार्यरत हैं.आरोप है कि दोनों अन्य आरोपियों के साथ शिकायतकर्ता के ऑफिस पहुंचे थे और इस कथित आपराधिक साजिश में शामिल थे. पुलिस ने दोनों को भी 10 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया.

अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि फर्जी आयकर छापे की पूरी साजिश कैसे तैयार की गई, आरोपियों को कारोबारी और उनके कारोबार से जुड़ी जानकारी कहां से मिली और इस कथित गैंग में और कितने लोग शामिल हैं. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आयकर विभाग के दोनों कर्मचारियों की कथित भूमिका क्या थी और पूरी साजिश में उनकी क्या जिम्मेदारी थी.

मराठा आरक्षण आंदोलन: अन्ना हजारे की जरांगे को सलाह, ‘अनशन…’



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *