जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में जंगल माफियाओं के हौंसले बुलंद हैं. तस्करी-रोधी अभियान के तहत कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग टीम पर फायरिंग कर दी. बताया गया कि इस ऑपरेशन में वन विभाग ने हीरानगर में तस्करी-रोधी अभियान के दौरान खैर की लकड़ी के 29 लट्ठे जब्त किए.
बताया गया कि वन विभाग को खैर के पेड़ों की अवैध कटाई के बारे में जानकारी मिली थी. वन विभाग की एक टीम सुबह करीब 3 बजे उस इलाके में पहुँची और तरनाह नदी के पास तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान टीम ने दो वाहनों को देखा जो कथित तौर पर खैर की लकड़ी के परिवहन में शामिल थे. जब टीम उनके पास पहुंची, तो संदिग्ध लोगों ने वन विभाग की टीम पर फायरिंग कर दी और अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए.
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मुठभेड़ की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम
सूचना मिलने पर पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और घटना स्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर दो वाहनों – मारुति ओमनी (रजिस्ट्रेशन नंबर JK21-3515) और मारुति वैगनआर (रजिस्ट्रेशन नंबर JK02AB-0321) – को रोका. दोनों वाहनों को जब्त कर पुलिस की हिरासत में ले लिया गया.
खैर की लकड़ी के 29 लट्ठे बरामद
इसके बाद वन विभाग, वन सुरक्षा बल (FPF) और पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें खैर की लकड़ी के 29 लट्ठे बरामद हुए. ये लट्ठे तरनाह नदी के तल और आसपास के इलाकों में छोड़ दिए गए थे. जब्त की गई लकड़ी को हरिया चक नर्सरी में सुरक्षित रखा गया है. इस मामले में FOR नंबर 02 (2026-27/ROS) दर्ज किया गया है.
वन अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू
अपराधियों की पहचान करने और कथित गोलीबारी, अवैध कटाई और खैर की लकड़ी के परिवहन की कोशिश की जांच के लिए मामला पुलिस विभाग को सौंप दिया गया है. भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 52 के तहत अधिकृत अधिकारी के समक्ष जब्ती की कार्रवाई भी शुरू की जाएगी. वन विभाग ने वन उत्पादों की अवैध कटाई और अवैध परिवहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के अपने संकल्प को दोहराया है. सहयोग के लिए पुलिस विभाग का आभार व्यक्त किया है.
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