दिल्ली पुलिस ने मार्च से पहले सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया है. वह तिरंगा मार्च के लिए कनॉट प्लेस जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें डिटेन कर लिया. एक हफ्ते में दीपके को दूसरी बार हिरासत में लिया गया है. इससे पहले एसआईआर में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के लिए जब वह मुंबई से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे, तब भी उन्हें उतरते ही हिरासत में ले लिया गया था.
इससे पहले दिन में, दिल्ली पुलिस के 20 से अधिक पुलिसकर्मी झंडेवालान स्थित दीपके के आवास पर पहुंचे और उन्हें एक नोटिस थमाया, जिसमें उनसे ऐसा कोई भी कदम उठाने से बचने का निर्देश दिया गया जिससे नागरिकों, व्यापारियों, यात्रियों, मरीजों और अन्य लोगों के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. पुलिस की यह कार्रवाई प्रदर्शन से पहले राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच हुई.
सीजेपी ने शुक्रवार शाम पांच बजे कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च का आह्वान किया था. हालांकि नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने 16 और 17 अक्टूबर के लिए सेंट्रल पार्क को बंद कर दिया है. पुलिस ने कानून-व्यवस्था की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए नई दिल्ली इलाके में 6,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 220 कंपनियों को तैनात किया है.
#WATCH | Delhi | CJP Founder Abhijeet Dipke detained by Delhi Police CJP has called for ‘Lehra Do Tiranga’ protest at Central Park in Connaught Place today. Section 163 is in effect in Connaught Place and no permission has been granted by the NDMC for the Tiranga Yatra https://t.co/J7J0IqsUjH
— ANI (@ANI) October 16, 2026
नोटिस के अनुसार, कनॉट प्लेस संसद, केंद्रीय सचिवालय और राजनयिक क्षेत्रों के काफी करीब स्थित है, जिससे संरक्षित क्षेत्रों की ओर भीड़ के फैलने से सार्वजनिक व्यवस्था व सुरक्षा को खतरे में डालने को लेकर वाजिब चिंताएं पैदा होती हैं. इसमें कहा गया है कि इन बातों पर विचार करते हुए और कनॉट प्लेस में एक गैर-कानूनी सभा से सार्वजनिक व्यवस्था और अन्य नागरिकों के अधिकारों को पैदा होने वाले गंभीर जोखिम को देखते हुए, वर्तमान में बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है.
