अमेरिका ने ईरान की नाकेबंदी तोड़ने वाले जहाज पर हमला किया है. पनामा के झंडे वाले जहाज पर हेलिकॉप्टर से गोली चलाई है. यह घटनाक्रम मंगलवार को सामने आया है. अमेरिकी अधिकारी ने जानकारी दी कि मंगलवार को अमेरिकी सेना ने पनामा के झंडे वाले एक जहाज पर गोली चलाई. ये जहाज ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था.
अधिकारी के मुताबिक, ‘ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी को लागू करने में लगे अमेरिका की चेतावनियों को जहाजों के क्रू ने नजरंदाज किया था. इसके बाद अमेरिका सेना के एक हेलिकॉप्टर ने जहाज के रडार पर गोली चलाई. इधर, ट्रंप प्रशासन लगातार ईरान की सरकार पर आर्थिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है. इसी के तहत यह कार्रवाई सामने आई है.’
वॉल्टर ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में जानकारी देते हुए कहा है कि अमेरिकी सेना ने पनामा के झंडे वाले एक जहाज पर गोलीबारी की थी. यह ईरानी बंदरगाह को तोड़ने की कोशिश कर रहा था. अमेरिकी जहाज ने हमला तब किया, जब उसने चेतावनियों को नजरंदाज किया. ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना के एक हेलीकॉप्टर ने जहाज के रडार पर गोली चलाई, इससे जहाज में आग लग गई. बाद में आग को बुझा दिया गया है. समुद्री सुरक्षा कंपनी वैनगार्ड ने जहाज के पहचान वेला नोवा के तौर पर की है. इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. वहीं, 17 क्रू मेंबर सुरक्षित है.
यमन में एक हूतियों के हमले में 3 लोगों की मौत
इधर, यमन के कोस्ट गार्ड ने जानकारी देते हुए कहा कि मंगलवार को अल मंदेब में एक छोटे कार्गो जहाज पर हमला हुआ. इसमें तीन क्रू सदस्यों की मौत हो गई. यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स ने बताया कि तंजानिया के झंडे वाले जहाज तिहामाह को यमन के अल मोखा तट के पास एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया. जहाज को ईरान समर्थित हूतियों ने निशाना बनाया था. हालांकि, इस समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. इस हमले में तीन क्रू सदस्यों में दो पाकिस्तान और एक इंडोनेशिया के नागरिक शामिल थे. इनकी तीनों की मौत हुई है. जहाज ओमान के सलालाह से जिबूती जा रहा था. तभी हमला हुआ था.
