टीम इंडिया के प्रदर्शन पर सवाल उठाने वालों को गौतम गंभीर ने अपने अंदाज में जवाब दिया है. भारतीय टीम की टी20 वर्ल्ड कप जीत का जिक्र करते हुए गंभीर ने कहा कि दूसरी बार वर्ल्ड कप जीतने में टीम को 17 साल लगे थे, लेकिन तीसरी बार चैंपियन बनने में सिर्फ 17 महीने लगे. उन्होंने कहा कि कुछ मैच खराब जाने से खिलाड़ियों और पूरी टीम पर सवाल नहीं उठाना चाहिए.
यह बात गौतम गंभीर ने जियोस्टार से बातचीत के दौरान कही, गंभीर ने कहा कि पिछले 2 साल में टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया है. उनके मुताबिक, एक खराब सीरीज या 3-4 खराब मैच किसी खिलाड़ी को खराब नहीं बना देते. इसी तरह कुछ मैचों के खराब नतीजे से पूरी टीम को भी कमजोर नहीं माना जा सकता. उन्होंने खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखने की बात कही.
संजू सैमसन को बाहर करना था मुश्किल फैसला
गंभीर ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि संजू सैमसन को टीम से बाहर करने का फैसला उनके लिए सबसे मुश्किल फैसलों में से एक था. सैमसन टी20 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे. इसके बाद भी इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच के बाद उन्हें बाहर कर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया गया.
गंभीर ने कहा कि इस फैसले के बाद वो पूरी रात सो नहीं पाए थे. उन्होंने सैमसन से इस बारे में खुलकर बात भी की थी. वैभव उस समय अच्छी फॉर्म में थे और टीम को ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज की जरूरत थी.
युवा खिलाड़ियों को करना पड़ सकता है इंतजार
गंभीर ने कहा कि अच्छी फॉर्म में होने के बावजूद युवा खिलाड़ियों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ सकता है. उन्होंने साफ किया कि सोशल मीडिया या बाहर की चर्चा से टीम में खिलाड़ियों का चुनाव नहीं होता. कोच और कप्तान ये देखते हैं कि कौन सा खिलाड़ी टीम को मैच जिताने में मदद कर सकता है.
उन्होंने कहा कि हर 3-4 खराब मैच के बाद किसी खिलाड़ी को बाहर करना सही नहीं है. लंबे समय से अच्छा खेलने वाले खिलाड़ियों पर भरोसा रखना जरूरी है. इसी वजह से टीम ने संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा पर भरोसा बनाए रखा.
आखिर में गंभीर ने कहा कि एक खराब सीरीज या कुछ खराब मैचों की वजह से टीम पर जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहिए. उनके मुताबिक, इस टीम ने कम समय में बड़ी कामयाबी हासिल की है और खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखना जरूरी है.
गंभीर ने कहा कि इन खिलाड़ियों को दूसरा वर्ल्ड कप जीतने में 17 साल नहीं लगे. तीसरा वर्ल्ड कप जीतने में सिर्फ 17 महीने लगे.
