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इस राज्य में 15 अगस्त तक मछली नहीं पकड़ सकेंगे मछुआरे, सरकार देगी 50 हजार रुपये


मानसून का यह समय मछलियों के प्रजनन यानी ब्रीडिंग का भी होता है. इसलिए इस दौरान समंदर में फिशिंग रोकने से मछलियों की तादाद बढ़ाने में काफी मदद मिलती है. सरकार का यह फैसला समुद्री इकोसिस्टम को बचाने और भविष्य में मछुआरों को ज्यादा से ज्यादा कैच दिलाने के मकसद से हर साल लिया जाता है.

लगातार ढाई महीने तक काम पूरी तरह बंद रहने की वजह से मछुआरा परिवारों के सामने रोजी-रोटी का एक बहुत बड़ा संकट खड़ा हो जाता है. उनकी इसी आर्थिक परेशानी को समझते हुए राज्य सरकार ने इस बार एक बेहद राहत भरा कदम उठाने का मन बनाया है. जिससे उन्हें इस मुश्किल दौर में सहारा मिल सके.

लगातार ढाई महीने तक काम पूरी तरह बंद रहने की वजह से मछुआरा परिवारों के सामने रोजी-रोटी का एक बहुत बड़ा संकट खड़ा हो जाता है. उनकी इसी आर्थिक परेशानी को समझते हुए राज्य सरकार ने इस बार एक बेहद राहत भरा कदम उठाने का मन बनाया है. जिससे उन्हें इस मुश्किल दौर में सहारा मिल सके.

सरकार इस साल बैन की अवधि के दौरान प्रभावित होने वाले मछुआरों को आर्थिक मदद के तौर पर 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने पर गंभीरता से विचार कर रही है. यह पैसा सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा ताकि इस खाली समय में उन्हें अपना घर चलाने में कोई दिक्कत न आए.

सरकार इस साल बैन की अवधि के दौरान प्रभावित होने वाले मछुआरों को आर्थिक मदद के तौर पर 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने पर गंभीरता से विचार कर रही है. यह पैसा सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा ताकि इस खाली समय में उन्हें अपना घर चलाने में कोई दिक्कत न आए.

इस सरकारी योजना का लाभ केवल उन्हीं मछुआरों को मिलेगा जो फिशरीज डिपार्टमेंट के साथ रजिस्टर्ड हैं और जिनके पास वैलिड लाइसेंस मौजूद है. सरकार जल्द ही इसके लिए आवेदन करने की पूरी गाइडलाइन और जरूरी दस्तावेजों की लिस्ट जारी करेगी जिससे सही हकदार तक यह बड़ी मदद बिना किसी रुकावट के पहुंच सके.

इस सरकारी योजना का लाभ केवल उन्हीं मछुआरों को मिलेगा जो फिशरीज डिपार्टमेंट के साथ रजिस्टर्ड हैं और जिनके पास वैलिड लाइसेंस मौजूद है. सरकार जल्द ही इसके लिए आवेदन करने की पूरी गाइडलाइन और जरूरी दस्तावेजों की लिस्ट जारी करेगी जिससे सही हकदार तक यह बड़ी मदद बिना किसी रुकावट के पहुंच सके.

तटीय इलाकों के मछुआरा संघों ने सरकार के इस 50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता वाले प्रस्ताव का दिल से स्वागत किया है. उनका कहना है कि लंबे समय के बैन के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए यह राशि काफी मददगार साबित होगी और इससे छोटे मछुआरों को कर्ज के जाल में नहीं फंसना पड़ेगा.

तटीय इलाकों के मछुआरा संघों ने सरकार के इस 50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता वाले प्रस्ताव का दिल से स्वागत किया है. उनका कहना है कि लंबे समय के बैन के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए यह राशि काफी मददगार साबित होगी और इससे छोटे मछुआरों को कर्ज के जाल में नहीं फंसना पड़ेगा.

प्रशासन ने सख्त चेतावनी भी दी है कि 15 अगस्त तक अगर कोई भी मछुआरा चोरी-छिपे समंदर में नाव लेकर जाता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोस्ट गार्ड और स्थानीय पुलिस तटीय बॉर्डर पर लगातार कड़ी निगरानी रख रहे हैं जिससे नियमों का पूरी तरह पालन हो.

प्रशासन ने सख्त चेतावनी भी दी है कि 15 अगस्त तक अगर कोई भी मछुआरा चोरी-छिपे समंदर में नाव लेकर जाता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोस्ट गार्ड और स्थानीय पुलिस तटीय बॉर्डर पर लगातार कड़ी निगरानी रख रहे हैं जिससे नियमों का पूरी तरह पालन हो.

Published at : 03 Jul 2026 04:07 PM (IST)

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