पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री कपिल सिब्बल ने छात्रों को जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शनों से दूर रहने की सलाह देने के लिए शुक्रवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के कुलपतियों की आलोचना की. इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सोशल मीडिया पर जारी इन ‘‘धमकी भरे’’ संदेशों को वापस नहीं लिया गया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
इतने बड़े संस्थानों के कुलपति क्या कर रहे?- कपिल सिब्बल
राज्यसभा के निर्दलीय सदस्य और वरिष्ठ वकील सिब्बल ने कहा कि वह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल पर जाने के इच्छुक छात्रों के साथ हैं. सिब्बल ने कहा कि दोनों यूनिवर्सिटी की सोशल मीडिया पोस्ट देखकर उन्हें हैरानी और दुख हुआ. उन्होंने कहा, ‘‘मैं हैरान हूं कि हमारे देश के इतने बड़े शिक्षण संस्थानों के कुलपति क्या कर रहे हैं. मैंने जेएनयू का संदेश देखा. बताइए, सुप्रीम कोर्ट के किस आदेश में कहा गया है कि आप जंतर-मंतर नहीं जा सकते?
‘क्या आप चाहते हैं कि हमारे छात्र सरकारी कर्मचारी बन जाएं’
उन्होंने सवाल किया कि क्या अब कुलपति अपने शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों से कहेंगे कि जंतर-मंतर मत जाओ, सोशल मीडिया पर कुछ मत लिखो, अपनी राय मत रखो और किसी पक्ष का समर्थन मत करो?’’ सिब्बल ने कहा, ‘‘क्या आप चाहते हैं कि हमारे छात्र सरकारी कर्मचारी बन जाएं? क्या हमारे शिक्षाविद् भी सरकारी कर्मचारी बन जाएं? अगर आप सरकारी कर्मचारी बन गए हैं तो क्या सबको सरकारी कर्मचारी बना देना चाहिए? फिर भारत के नागरिक भी सरकारी कर्मचारी बन जाएं, तो लोकतंत्र की बात क्यों करें?’’
मैं कुलपतियों से कहना चाहता हूं कि ये संदेश वापस लें- कपिल सिब्बल
सिब्बल ने छात्रों से कहा कि वे ऐसा कोई काम न करें जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके. उन्होंने छात्रों से अहिंसा का पालन करने की अपील की और कहा कि यदि इसके बाद भी कोई उनके खिलाफ अधिकारों का दुरुपयोग करता है तो वह छात्रों का बचाव करेंगे.
उन्होंने कहा, ‘मैं कुलपतियों से कहना चाहता हूं कि ये संदेश वापस लें, नहीं तो हम आपके खिलाफ कार्रवाई करेंगे. हम अदालत भी जा सकते हैं और पूछेंगे कि आपको ऐसे संदेश जारी करने का निर्देश किसने दिया.” DU के वर्तमान कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह हैं, जबकि जेएनयू की कुलपति प्रोफेसर शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित हैं.
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