हैदराबाद के बेगम बाजार में इस बार ‘ली-ची का राजा’ गणपति आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. प्रतिमा पर 24 कैरेट गोल्ड प्लेटिंग की गई है और इसे करीब साढ़े 3 लाख से ज्यादा अमेरिकन डायमंड्स से सजाया गया है.

पुणे के एफसी रोड (फर्ग्यूसन रोड) पर गणेश भेळ के बाहर 21 हजार पानी पूरी की पूरियों से करीब 13 फीट ऊंची और 10-11 फीट चौड़ी गणपति प्रतिमा तैयार की गई है.

बिलासपुर में गणेशोत्सव के दौरान 25 मुखी गणेश जी की अनोखी प्रतिमा देखने दूर-दूर से लोग आ रहे हैं. इस साल ये गणेश पंडाल शहर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है.

सूरत में गणेश पंडाल को बेहद अलग अंडरवॉटर थीम में सजाया गया है. पंडाल में समुद्र के भीतर बसी द्वारका नगरी जैसा दृश्य तैयार किया गया है. सजावट में पानी के अंदर के वातावरण, समुद्री जीवों और द्वारका से जुड़े धार्मिक भाव को दर्शाया गया है.

भोपाल के पुराने शहर में गणपति पंडाल की थीम इस बार बेहद अनोखी है. यहां बप्पा को करीब 45 फीट की विशाल व्हेल के आकार के स्ट्रक्चर पर विराजमान किया गया है. समुद्री थीम पर तैयार यह विशाल झांकी श्रद्धालुओं और राहगीरों का ध्यान खींच रही है.

भुवनेश्वर में गणेश पूजा का सबसे अलग और पर्यावरण से जुड़ा उदाहरण देखने को मिल रहा है. यहां एक जीवित पेड़ को ही गणेश जी का स्वरूप मानकर पूजा की जा रही है. बकुल फाउंडेशन की इस पहल में पेड़ को पारंपरिक गणेश स्वरूप के अनुरूप सजाया गया है.
Published at : 15 Sep 2026 11:35 AM (IST)
