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किसानों को मिलेगा उन्नत आलू बीज, जानें बुकिंग का तरीका


रबी सीजन की तैयारी शुरू होते ही आलू किसानों के लिए सबसे जरूरी काम सही और रोगमुक्त बीज चुनने का होता है. आलू की खेती में अगर बीज की क्वालिटी कमजोर रह गई. तो पूरी फसल का हिसाब बिगड़ जाता है. इसी दिक्कत को दूर करने के लिए हरियाणा सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करने के इरादे से हाई-क्वालिटी सर्टिफाइड आलू बीज उपलब्ध कराने की शानदार पहल शुरू की है. 

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक करनाल के शामगढ़ में स्थित पोटैटो टेक्नोलॉजी सेंटर में अर्ली जनरेशन की टॉप किस्मों के बीज और मिनीट्यूबर का बड़ा स्टॉक तैयार है. यह बीज पूरी तरह वायरस-फ्री और लैब-टेस्टेड हैं. जो खेत में जाते ही बढ़िया अंकुरण और बंपर पैदावार देते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि अब किसानों को बीज के लिए कहीं भटकना नहीं है. घर बैठे ऑनलाइन तरीके से अपनी जरूरत का बीज बुक करने की पूरी सुविधा शुरू कर दी गई है. जान लें कैसे करनी होगी बुकिंग.

कौन-कौन सी किस्में मौजूद हैं?

पोटैटो टेक्नोलॉजी सेंटर शामगढ़ में अलग-अलग कैटेगरीज के हिसाब से किसानों के लिए अच्छी मात्रा में स्टॉक रखा गया है. कुफरी पुखराज अर्ली जनरेशन ईयर-3 के तहत 1276 क्विंटल सीड साइज, 298.5 क्विंटल अंडर साइज और 157 क्विंटल ओवर साइज बीज उपलब्ध कराया गया है. वहीं कुफरी मोहन अर्ली जनरेशन ईयर-4 में 255.5 क्विंटल सीड साइज, 9 क्विंटल अंडर साइज और 210 क्विंटल ओवर साइज बीज का कोटा खुला है. 

इसके अलावा अर्ली जनरेशन ईयर-1 की कैटेगिरी में कुफरी चिपसोना-1 का 1 क्विंटल अंडर साइज, कुफरी ख्याति का 2.5 क्विंटल सीड साइज व 20.5 क्विंटल ओवर साइज और कुफरी उदय का 0.5 क्विंटल ओवर साइज बीज शामिल है. यह सभी वैरायटीज कम समय में पकने और मौसम के उतार-चढ़ाव को झेलने की अपनी क्षमता के लिए जानी जाती हैं. जिससे फसल का रिस्क बिल्कुल कम हो जाता है.

चिप्स वाले आलू की भारी डिमांड

आलू से चिप्स और फ्रेंच फ्राइज बनाने वाली प्रोसेसिंग इंडस्ट्री की भारी मांग को ध्यान में रखते हुए इस बार मिनीट्यूबर की भी बड़ी खेप उतारी गई है. करनाल सेंटर पर कुफरी फ्रायसोना के सबसे ज्यादा 75000 मिनीट्यूबर उपलब्ध कराए गए हैं. इसके साथ ही कुफरी उदय के 25000 कुफरी हिमालिनी के 11000 और कुफरी चिपसोना-1 के 8000 मिनीट्यूबर स्टॉक में रखे गए हैं. 

मिनीट्यूबर की सबसे बड़ी खूबी यह होती है कि यह पूरी तरह जेनेटिकली प्योर और मिट्टी जनित बीमारियों से मुक्त होता है. इसे लगाने के बाद किसान खुद अपने खेत में आने वाले सालों के लिए अच्छी क्वालिटी का आलू बीज तैयार कर सकते हैं. चिप्सोना और फ्रायसोना जैसी किस्मों की बाजार में प्रोसेसिंग यूनिट्स से सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर बिक्री हो जाती है. जिससे किसानों को नार्मल आलू के मुकाबले काफी ऊंचे और तय रेट मिल जाते हैं.

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पोर्टल पर कैसे करें ऑनलाइन बुकिंग?

आलू की बुकिंद के लिए किसानों को हरियाणा बागवानी विभाग के ऑफिशियल पोर्टल पर जाना होगा. वहां फार्मर रजिस्ट्रेशन करने के बाद लॉगिन करके पोटैटो सीड बुकिंग वाले टैब पर क्लिक करना है. इसके बाद पोर्टल पर दिख रही किस्मों में से अपनी पसंद का बीज और उसकी क्वांटिटी दर्ज करनी होगी. सारा ब्योरा भरने के बाद फॉर्म सबमिट करते ही बुकिंग कन्फर्म हो जाएगी. 

किसानों को मिलेगा उन्नत आलू बीज, जानें बुकिंग का तरीका

किसानों को अपनी डिजिटल रसीद और बुकिंग नंबर संभालकर डाउनलोड कर लेना चाहिए. क्योंकि सेंटर से बीज उठाते वक्त यही रसीद आपके काम आएगी. कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की है कि बुवाई के पीक सीजन में स्टॉक खत्म होने से पहले ही अपना स्लॉट बुक कर लें. इसलिए अगर आपने अभी बुकिंग नहीं की है तो समय रहते बुकिंग जरूर कर लें.

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