गुजरात के गांधीनगर के कुडासन इलाके में बन रही एक इमारत अचानक ढह गई, जिसमें कई लोगों फंसे हुए हैं. गांधीनगर फायर ऑफिस के राजेश पटेल ने बताया कि दमकल विभाग की टीमें अभी मौके पर बचाव कार्य में जुटी हुई है. इसमें 10-12 मजदूरों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी घटनस्थल पर पहुंचे हैं. इस दौरान वह हालात का जायजा लेने फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर चढ़ गए.
कई मजदूरों के अंदर दबे होने की आशंका
यह हादसा रात 9:15 बजे के पास हुआ. ‘बॉस्की द एम्पायर’ नाम के एक निर्माणाधीन कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में लोहे का एक भारी स्लैब अचानक ढह गया. इससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और कई मजदूरों के लोहे और मलबे के नीचे दबे होने की आशंका जताई जा रही है. गांधीनगर फायर ब्रिगेड की 5 से ज्यादा गाड़ियां और विशेष रेस्क्यू टीमें मौके पर मौजूद हैं. लोहे के भारी ढांचे और कंक्रीट को हटाकर फंसे हुए लोगों तक पहुंचने का काम तेजी से किया जा रहा है.
#WATCH | Gujarat | Visuals from the Kudasan area of Gandhinagar where a portion of an under-construction building collapsed. Rescue operations are underway at the site. More details awaited pic.twitter.com/l8cAorX9g8
— ANI (@ANI) September 9, 2026
कई घायलों को अस्पताल ले जाया गया
इस कॉम्प्लेक्स में दो यूनिटों के बीच बनाया जा रहा लोहे का स्ट्रक्चर तेज आवाज के साथ अचानक गिर गया. चश्मदीदों के मुताबिक, हादसे के वक्त मौके पर करीब 10 मजदूर काम कर रहे थे. धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत टीमों के आने से पहले ही लोगों को निकालने की कोशिश शुरू कर दी. घायलों को तुरंत इलाज देने और अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस की कई गाड़ियां तैनात की गई हैं. कुछ घायलों को अस्पताल भेजा गया है.
Gandhinagar, Gujarat: A wall collapsed in Kudasan leaving around 10 people feared injured. The injured were admitted to Gandhinagar Civil Hospital for treatment,
An Ambulance staff says, “Eleven people have been transported… There were perhaps two women and the remaining nine… pic.twitter.com/X0xckvQ0iy
— IANS (@ians_india) September 9, 2026
एम्बुलेंस के एक कर्मचारी ने बताया, ’11 लोगों को अस्पताल ले जाया गया है. इनमें शायद दो महिलाएं और बाकी 9 पुरुष थे, कोई बच्चा नहीं था. वे सभी यहां काम करने वाले मजदूर थे.’
