रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मॉस्को में ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई से मुलाकात की. साथ ही रूस ने नागरिकों को ईरान न जाने की सलाह दी है.
इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री ने 7 देशों के समकक्षो से फोन पर बातचीत की थी. इस बैठक के बाद ही रूसी नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है.
पुतिन की इस बैठक को लेकर क्रेमलिन ने एक बयान भी जारी किया है. इसमें बताया कि मीटिंग में रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव और रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी GRU के चीफ इगोर कोस्त्युकोव भी शामिल हुए.
3 दिन पहले पुतिन-रेजाई की फोन पर हुई थी बात
यह मुलाकात ऐसे वक्त हुई है, जब मॉस्को और तेहरान के बीच हाई लेवल बातचीत का दायरा बढ़ा है. इसमें सुरक्षा सहयोग और क्षेत्रीय घटनाक्रम से जुड़ी एजेंडे शामिल हैं. क्रेमलिन में हुई बैठक से ठीक तीन दिन पहले 2 नवंबर को पुतिन और रेजाई के बीच फोन पर बातचीत हुई थी. ईरानी सरकारी मीडिया की मानें तो उन्होंने क्षेत्रीय और इंटरनेशनल घटनाक्रमों खासकर पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की है.
Footage of Putin meeting Iranian Supreme National Security Council Secretary Mohsen Rezaei, joined by Kremlin aide Ushakov and GRU chief Kostyukov. https://t.co/CEYJrEuXLo
— Clash Report (@clashreport) November 5, 2026
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने मांगा इंटरेशनल कम्युनिटी से समर्थन
इधर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने 30वें इबेरो अमेरिकन शिखर सम्मलेन के एक सेशन में इंटरनेशनल कम्युनिटी से अपील की है कि वे यूक्रेन के लिए अपना समर्थन मजबूत करें. रूस की तरफ से किए जा रहे अपराधों पर चुप न रहें. रक्षा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग करें. राष्ट्रपति ने इस पर भी जोर दिया कि यूक्रेन को एयर डिफेंस सिस्टम और एनर्जी से जुड़े प्राइमरी इन्फ्रास्ट्रक्चर को बहाल करने के लिए जरूरी उपकरणों की सख्त जरूरत है.
दूसरों को ऐसा करने से कौन रोकेगा?: जेलेंस्की
जेलेंस्की ने अपने बयान में कहा है कि अगर पुतिन हमारी जमीन का कुछ हिस्सा हड़पने और हमारी संप्रभुता का उल्लंघन करने में सफल हो जाते हैं, तो फिर किसी तरह से इसे कानूनी रूप देकर दुनिया को इन कार्यों को स्वीकारने करने के लिए मजबूर कर देते हैं. रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी इलाकों को रूस का ही हिस्सा मान लेने के लिए कहते हैं. इससे दुनियाभर की सीमाओं की पूरी व्यवस्था नष्ट हो जाएगी. जरा सोचिए, अगर रूस के लिए ऐसा करना संभव हो जाता है, तो दूसरों को ऐसा करने से कौन रोकेगा? हम ऐसा नहीं होने दे सकते.
