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1 करोड़ का रावण का सिंहासन, 1.5 करोड़ में शूर्पणखा का रथ, 150 से ज्यादा सेट्स पर बनी ‘रामायण’ की दुनिया


रणबीर कपूर और साई पल्लवी की फिल्म ‘रामायण’ सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है. इसे दर्शकों और क्रिटिक्स की ओर से अच्छा खासा रिस्पांस मिला है. नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म की जमकर तारीफ की जा रही है. इसका सिनेमैटोग्राफी से लेकर ग्राफिक्स और एनिमेशन तक का एक्सपीरियंस कमाल का रहा. इस 4000 करोड़ी ‘रामायण’ को बनाने के लिए पानी की तरह पैसा बहाया गया है. 

दरअसल, ‘रामायण’ के सेट को भव्य तरीके से बनाने के लिए इस पर मेकर्स ने जान लगा दी. जीतोड़ मेहनत के साथ ही पानी की तरह पैसा भी बहाया गया. रावण को जो भव्य सिंहासन दिखाया गया है वो एक करोड़ का है और रकुल प्रीत यानी कि शूर्पणखा के रथ पर उससे भी ज्यादा पैसा खर्च किया गया. चलिए बताते हैं इसके बारे में डिटेल में.

‘रामायण’ के लिए 150 से ज्यादा सेट तैयार किए गए

आर्ट डायरेक्टर रमेश ने हाल ही में प्रभात खबर से बात की और उन्होंने ‘रामायण’ के सेट के बारे में बताया  कि ‘रामायण’ की दुनिया को बड़े पर्दे पर इतनी भव्यता के साथ दिखाया जा सका है. उन्होंने बताया कि जटायु का एक मॉडल 24 फीट का तैयार किया गया था. जबकि फिल्म को भव्यता से फिल्माने के लिए 150 से ज्यादा तो इसके सेट तैयार किए गए थे, जिसे अप्रैल 2024 में बनाया जाना शुरू किया गया था और ये मुंबई फिल्म सिटी में ही तैयार किया गया था. 

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रावण के सिंहासन के लिए 1 करोड़ खर्च किए

रमेश के अनुसार, ‘रामायण’ में रावण के सिंहासन के लिए भी करोड़ों रुपये खर्च किए गए. उसके सिंहासन को बनाने में करीब 4 महीने का वक्त लगा. इस पर करीब 1 करोड़ रुपये खर्च किए गए. इसे फाइबर से तैयार किया गया था लेकिन इसके पहले इसके लिए मिट्टी का आधार भी तैयार किया गया था. वहीं, सिंहासन को भव्य दिखाने के लिए इस पर 24 कैरेट सोने की परत से मढ़ा गया था.

इसके साथ ही शूर्पणखा के स्पेशल रथ पर तो रावण के सिंहासन से ज्यादा खर्च किया गया था. इसे 3 महीने में तैयार किया गया था. इसके लिए करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे. 

6 साल में तैयार हुआ था पुष्पक विमान

इतना ही नहीं, रावण के पुष्पक विमान को लेकर भी जानकारी सामने आई है कि  पुष्पक विमान के लिए डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले 6 साल से काम कर रहे थे. ये 50 फीट चौड़ा था. वो इतना बड़ा बनाया गया था कि स्टूडियो में समा ही नहीं सकता था. इसलिए इसे 4 अलग-अलग टुकड़ों में 40-50 दिनों में तैयार किया गया. इसके साथ ही जटायु का एक मॉडल भी तैयार किया गया था, जो 24 फीट का था.  

जबकि रमेश ने बताया कि रावण की सोने की लंका बनाने में भी काफी वक्त लगा है. इसे बनाने के लिए 500-600 मजदूरों ने लगातार काम किया. जब क्राउड सीन को शूट किया गया तो इसके लिए 1000 तक डांसर्स और जूनियर आर्टिस्ट को साइन किया गया था. रमेश ने बताया था कि नितेश तिवारी ने शूटिंग से 4 दिन पहले रीबोर्ड और कॉन्सेप्ट आर्ट का बारीकी से रिव्यू कर लेते थे. वो सेट का मुआयना भी करते थे.

‘रामायण’ के दूसरे पार्ट पर भी चल रहा काम

गौरतलब है कि ‘रामायण’ की रिलीज के बाद फैंस और दर्शक फिल्म के दूसरे पार्ट के लिए भी एक्साइटेड हो गए हैं. फिल्म के पहले पार्ट में हनुमान और मेघनाद का पोस्ट क्रेडिट सीन है, जिसने लोगों की एक्साइटमेंट को और भी बढ़ा दिया है. फिल्म के दूसरे पार्ट पर काम चल रहा है. इसे अगले साल दिवाली 2027 के मौके पर रिलीज किया जाएगा.



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