प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (05 नवंबर) को एशियाई पैरा खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों से मुलाकात की और कहा कि उनके संघर्षों और उपलब्धियों से पूरे देश को प्रेरणा मिलती है. भारत ने पिछले महीने आइची नागोया में हुए एशियाई पैरा खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य समेत 114 पदक जीते.
खेलमंत्री मनसुख मांडविया और खेल राज्य मंत्री रक्षा खड़से भी इस मौके पर मौजूद थे. दो स्वर्ण पदक जीतने वाली भुजाहीन तीरंदाज शीतल देवी और दृष्टिबाधित फर्राटा धाविका सिमरन भी समारोह में उपस्थित थीं.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा , ‘‘आपके शानदार प्रदर्शन ने दिखा दिया कि भारत विश्व खेलों में महाशक्ति के रूप में उभर रहा है. आपने सिर्फ पदक नहीं जीते बल्कि लाखों भारतीयों के दिल भी जीते हैं.’’
उन्होंने कहा , ‘‘आपके संघर्षों और उपलब्धियों से हर भारतीय को प्रेरणा मिलती है. पहले माता पिता बच्चों को खेलों में कैरियर बनाने में सहयोग करने में डरते थे. लोग कहते थे कि इस व्यवस्था का कुछ नहीं हो सकता जो प्रतिभा का सहयोग नहीं करती लेकिन जैसे आपने हार नहीं मानी, हम भी अपने लक्ष्य पर डटे रहे.’’
उन्होंने कहा , ‘‘हमने तय किया कि हमारे युवाओं की प्रतिभा व्यर्थ नहीं जायेगी. जिस व्यवस्था ने आपकी प्रगति में बाधा पहुंचाई, हमने उस व्यवस्था को बदलने का फैसला किया. अगर आज युवा को अपनी प्रतिभा पर भरोसा है तो उसे यह भी विश्वास है कि देश उसके साथ खड़ा है.’’
मोदी ने कहा कि भारत का प्रदर्शन उन खेलों में भी बेहतर हो रहा है जिनमें अतीत में हम उतने प्रतिस्पर्धी नहीं थे.
उन्होंने कहा, ‘‘जिन खेलों में पहले भारत का प्रतिनिधित्व सीमित था, हम उनमें मजबूत हो रहे हैं. तीरंदाजी, एथलेटिक्स, निशानेबाजी, तैराकी, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, जूडो, पावरलिफ्टिंग जैसे कई खेलों में हमने प्रतिभाओं को तलाशा है और इनमें नये चैम्पियन निकल रहे हैं. पैरा एशियाई खेलों में 61 खिलाड़ियों ने पदार्पण किया था.’’
प्रधानमंत्री ने भालाफेंक खिलाड़ी रिंकू हुड्डा की तारीफ की जिनकी मां का खेलों से कुछ महीने पहले निधन हो गया था और उन्होंने स्वर्ण पदक अपनी मां को समर्पित किया.
प्रधानमंत्री ने कहा, “आपने उस समय पूरे देश को भावुक कर दिया.”
उन्होंने खिलाड़ियों से 2028 लॉस एंजिलिस पैरालम्पिक पर फोकस करने के लिये कहा.
उन्होंने कहा , ‘‘इस सफलता को बड़े लक्ष्य पाने के लिये लांच पैड की तरह इस्तेमाल करना चाहिये. अगला लक्ष्य लॉस एंजिलिस 2028 है. हमारा लक्ष्य है कि लॉस एंजिलिस पैरालम्पिक 2028 में ज्यादा से ज्यादा भारतीय खिलाड़ी हों और अधिकांश पदक जीते.’’
(इनपुट पीटीआई भाषा)
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